AI Impact: आजकल हर जगह AI का बोलबाला हो गया है. हर कोई किसी ना किसी काम में इसकी मदद ले रहा है. अगर कहा जाए कि ये हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है तो ये गलत नहीं होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही AI आपके लिए सबसे बड़ा नुकसान भी कर सकता है और खतरनाक भी साबित हो सकता है. लोग ईमेल लिखने से लेकर के अपने कई छोटे-छोटे कामों के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके पास आपके हर सवाल का जवाब मौजूद होता है.
यही वजह है कि लोग अपना अकेलापन दूर करने और अपने रिश्तों को लेकर भी इससे सवाल पूछ लेते हैं. क्या मुझे अपनी बीवी से डाइवोर्स ले लेना चाहिए? क्या मुझे अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप कर लेना चाहिए? आपको बता दें कि इस तरीके के सवाल आपको एआई से कभी भी नहीं पूछने चाहिए, वरना आप बहुत बुरा फंस सकते हैं. इसकी वजह है कि एआई आपको क्या जवाब देगा ये पहले से डिसाइड होता है. इसके साथ ही वो हर बार आपको अलग जवाब देता है. क्योंकि एआई का जो जवाब है वो पहले से डिसाइड हो चुका होता है. यहां देखिए-
सवाल- मेरा ब्यॉएफ्रेंड मुझे टाइम नहीं देता है ना बात करता है तो क्या मुझे ब्रेकअप कर लेना चाहिए?
फिर से वही सवाल पूछा गया
तीसरा बार जब सवाल पूछा गया
तो आपने देखा ही हर सवाल के जवाब में उसने ब्रेकअप को ही सॉल्यूशन बताया है.
कहां से आते हैं जवाब
क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये जो सवालों के जवाब देता है वो उसके पास कहां से आते हैं. क्योंकि ये इंसानी दिमाग की तरह सोच नहीं सकता है. इसके पास चीजें पहले से फीड होती हैं और इसके साथ ही ये दूसरी जगहों से जानकारियों को कलेक्ट कर के सवालों के जवाब देता है. एक डाटा एनालिस्ट ने रेडिट के रिलेशनशिप एडवाइस फोरम का 15 साल का डाटा एनालाइज किया, 2010 से लेकर अभी तक का 52 मिलियन से ज्यादा कमेंट्स को एनालाइज किया और उसका रिजल्ट कुछ ये निकला था.
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इस रिजल्ट में देखिए सबसे ज्यादा वोट होने वाले कमेंट्स थे ब्रेकअप कर लो, रिश्ता खत्म कर दो कॉन्टैक्ट तोड़ दो, और जो कमेंट्स कह रहे थे की बात कर लो थोड़ा टाइम दे दो अपने पार्टनर को, वो नीचे की तरफ जा रहे हैं. अब बात ये है की इस वाली रिसर्च, के मुताबिक रेडिट दुनिया का नंबर वन डाटा सोर्स है. एआई मॉडल्स के लिए करीब 40% एआई रिस्पॉन्स के पीछे की नॉलेज रेडिट है. विकिपीडिया 26% पर है, गूगल 23% पर है.
एआई के अंदर एक बिल्ट इन बीमारी है जिसे सिको फैंसी कहा जाता है. सिंपल शब्दों में कहा जाए तो एआई आपसे हमेशा एग्री करेगा चाहे आप सही हो या गलत. इस स्टडी ने पाया की एआई आपकी फीलिंग्स को 72% टाइम वैलिडेट करता है, जबकि रियल लाइफ में इंसान सिर्फ 20 से 22% टाइम ऐसा करते हैं. और ये सिर्फ एक थ्योरी नहीं है.
एआई सही में बहुत पावरफुल चीज है, अगर आप इसे इन गलत चीजों के लिए इस्तेमाल करोगे तो ये आपकी जिंदगी तबाह करके रख देगा, लेकिन अगर आप इसे सही से इस्तेमाल करना सीख गए, तो ये आपको नेक्स्ट लेवल पर एम्पावर करेगा.