रोजाना 8 मिनट कुर्सी पर करें ये आसान एक्सरसाइज, जवानों जैसे होंगे पट्ट और हिप्‍स, 60 के बाद भी चढ़ जाएंगे कुतुब मीनार

4 Best Seated Hip Strengthening Exercises : उम्र बढ़ने के साथ शरीर का संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता काफी हद तक हिप्स की ताकत पर निर्भर करती है. मजबूत हिप मांसपेशियां (Muscles) कम होने की समस्या को धीमा करते हैं और रोजमर्रा की गतिविधियों को आसान बनाए रखते हैं.

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Best Seated Hip Strengthening Exercises | 8 minute Beginner Hip Mobility Exercises on Chair: उम्र बढ़ने के साथ अक्सर लोग घुटनों या कमर के दर्द की बात करते हैं, लेकिन असली समस्या कई बार कमजोर हिप्स यानी कूल्हों के जोड़ होते हैं. हिप्स हमारे शरीर का वह हिस्सा है जो चलने, बैठने, उठने, मुड़ने और संतुलन बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है. कमजोर और जकड़े हुए हिप्स की वजह से चलना, सीढ़ियां चढ़ना, कुर्सी से उठना या जूते पहनना तक मुश्किल हो सकता है. अच्छी बात यह है कि हिप्स को मजबूत बनाने के लिए आपको जिम जाने, भारी वजन उठाने या खड़े होकर एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है. सिर्फ एक मजबूत कुर्सी और रोज के 8 मिनट काफी हैं.

हिप्स की सेहत क्यों है जरूरी?

हिप्स शरीर के बीच का मुख्य जोड़ है जो ऊपरी और निचले हिस्से को जोड़ता है. अगर हिप्स मजबूत हैं तो चलना आसान होता है, सीढ़ियां चढ़ने में कम तकलीफ होती है और गिरने का खतरा भी कम हो जाता है. कमजोर हिप्स की वजह से चाल छोटी हो जाती है, बैलेंस बिगड़ता है और कमर पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है.

उम्र के साथ हिप्स कमजोर क्यों होते हैं? (Why do hips get weaker with age?)

आज की लाइफस्टाइल में हम पहले से ज्यादा समय कुर्सी पर बैठकर बिताते हैं. लंबे समय तक बैठने से हिप्स के आगे वाले मसल्स टाइट हो जाते हैं और पीछे के मसल्स यानी ग्लूट्स कमजोर पड़ जाते हैं. इसके अलावा हिप्स को घुमाने वाले छोटे मसल्स भी कम एक्टिव रहते हैं. यह मिलकर चलने की चाल, शरीर का संतुलन और मूवमेंट की रेंज को प्रभावित करते हैं. कई लोग इसे उम्र का असर मान लेते हैं, जबकि सही एक्सरसाइज से इसमें सुधार लाया जा सकता है.


1. बैठकर घुटना ऊपर उठाना (Seated knee lifts) : कुर्सी पर सीधा बैठें. एक-एक करके घुटने को छाती की ओर उठाएं. ऊपर दो सेकंड रोकें, फिर धीरे से नीचे रखें. यह एक्सरसाइज हिप्स के आगे के मसल्स और पेट को एक्टिव करती है, जिससे पैर उठाने की ताकत बढ़ती है.

2. बैठकर पैर साइड में खोलना (Seated leg pushes) : दोनों पैरों को पास रखकर बैठें. एक घुटने को साइड में खोलें, लेकिन पैर जमीन पर ही रहे फिर वापस लाएं. यह हिप्स के बाहरी हिस्से और ग्लूट्स को मजबूत करता है, जिससे चलने में शरीर डगमगाता नहीं है.

3. बैठकर पैर पीछे दबाना (Seated hip press backs) : सीधे बैठें और एक पैर को हल्का उठाकर पीछे की ओर दबाने की कोशिश करें, जैसे एड़ी से पीछे धक्का दे रहे हों. इससे पीछे के हिप मसल्स एक्टिव होते हैं, जो खड़े होने और सीढ़ियां चढ़ने में मदद करते हैं.

4. बैठकर हिप्स को सर्किल में घुमाना (Seated hip circles) : पैर उठाकर घुटने से हवा में छोटा गोल घेरा बनाएं. पहले एक दिशा में, फिर दूसरी दिशा में. यह हिप्स की पूरी मूवमेंट रेंज पर काम करता है और जकड़न कम करता है.

सही कुर्सी का चुनाव (Choosing the right chair)

हमेशा मजबूत और बिना पहियों वाली कुर्सी का इस्तेमाल करें. कुर्सी इतनी ऊंची हो कि बैठते समय घुटने लगभग 90 डिग्री पर हों और पैर आराम से जमीन को छू सकें. बहुत मुलायम सोफा या झूलने वाली कुर्सी से बचें.

कितनी बार करें ये एक्सरसाइज? : इन एक्सरसाइज को हफ्ते में कम से कम 3 से 4 बार करें. लगातार करने से ही मसल्स मजबूत होंगे. एक दिन छोड़ देने से नुकसान नहीं, लेकिन आदत बनाना जरूरी है.

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

अगर हाल ही में हिप सर्जरी हुई है, तेज दर्द है, सूजन है या गंभीर गठिया की समस्या है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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4 से 6 हफ्तों में दिखने वाले फायदे (Benefits you may notice in 4 to 6 weeks)

  • इन एक्सरसाइज को नियमित तौर पर करने पर कुछ हफ्तों में उठना-बैठना आसान लगने लगेगा. चलने की चाल लंबी और स्मूद होगी. सीढ़ियां चढ़ना, जूते पहनना और कार में बैठने में पहले से ज्यादा आसानी महसूस होगी. बैलेंस सुधरेगा और गिरने का डर कम होगा.
  • उम्र बढ़ने के साथ बिना सहारे आराम से चलने-फिरने के लिए हिप्स का मजबूत होना बेहद जरूरी होता है. ये आसान चेयर एक्सरसाइज कम समय में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. रोज सिर्फ 8 मिनट खुद को दीजिए और अपने शरीर को लंबे समय तक मजबूत और एक्टिव बनाए रखिए.


 

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