Work Tips: हर दिन घंटों-घंटों ऑफिस सहकर्मियों के साथ समय बीतने से अक्सर हम उन पर भरोसा करने लगते हैं, लेकिन आपको यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हर इंसान अपनी नौकरी में अच्छा करना चाहता है. अक्सर हम ऑफिस में इतना सहज महसूस करने लगते हैं कि कुछ ऐसी बातें भी कह देते हैं, जो आगे चलकर हमारे खिलाफ जा सकती हैं. इसलिए समझदारी इसी में है कि ऑफिस में क्या बोलना है और क्या बिल्कुल भी नहीं बोलना है, इसका ध्यान रखा जाए. यहां हम आपको 4 ऐसी बाते बताने वाले हैं, जो आपको भूलकर भी शेयर नहीं करनी चाहिए.
क्या शेयर नहीं करना चाहिए?
अपनी सैलरी की जानकारी: सैलरी हर कंपनी में सबसे सेंसिटिव टॉपिक माना जाता है. ऐसे में अगर आप किसी को अपनी सैलरी के बारे में बताते हैं, जैसे आपकी कितनी सैलरी है, आपको कितना इंक्रीमेंट मिला है या आप कितनी हाइक की उम्मीद कर रहे हैं, तो इससे आपके खिलाफ समस्याएं पैदा हो सकती हैं, इससे आपके और आपके सहकर्मी में तुलना और ईर्ष्या बढ़ सकती है, इसी के साथ आपकी इमेज एक ओवरशेयरिंग करने वाले व्यक्ति की बन सकती है. इसलिए जब भी कोई आपसे आपकी सैलरी के बारे में पूछे तो बात को हस कर ताल दें.
फ्यूचर प्लान या नौकरी बदलने की प्लानिंग: हो सकता है अपनी प्रेजेंट कंपनी में आपका ज्यादा दिन काम करने का इरादा न हो, आपके पास कोई अच्छा ऑफर हो, आप कुछ महीनों का ब्रेक लेने की सोच रहें हो या आप नई जॉब ढूंढ रहे हो, तो भी अपने ऑफिस में किसी को भी इसके बारे में न बताएं क्योंकि आपकी ये बात मैनेजर तक पहुंच सकती है, जिससे आपकी प्रदर्शन/कार्यकुशलतापर पर शक हो सकता है.
किसी सहकर्मी या बॉस की बुराई: ऑफिस गॉसिप सबसे तेज फैलने वाली चीज है. अगर आप कभी किसी सहकर्मी या बॉस के बारे में कुछ गलत बोल देते हैं, तो ये बातें पलटकर सीधे उसी व्यक्ति तक पहुंच जाती हैं, जिससे आपकी रेप्यूटेशन खराब हो सकती है, आपको राजनीतिक समझा जा सकता है और आपके खिलाफ प्रॉब्लम खड़ी हो सकती हैं.
अपनी व्यक्तिगत या रिश्तों से जुड़ी समस्याएं न बताएं: हर किसी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन ऑफिस उन बातों को शेयर करने की जगह नहीं है. अपनी निजी बातें, घर के झगड़े या इमोशनल ब्रेकडाउन के बारे में बताने से लोग आपजे प्रफेशनलिज़म पर सवाल उठा सकते हैं.
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