UPSC Rank 301 Identity Row: लोक सेवा आयोग की तरफ से सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का रिजल्ट हाल ही में जारी किया गया. इस रिजल्ट के जारी होने के बाद पास होने वाले उम्मीदवारों के घरों में जश्न की तैयारियां शुरू होने लगीं. हालांकि एक रैंक ऐसी भी थी, जिस पर लगातार कंफ्यूजन बना हुआ था. यूपीएससी में 301वीं रैंक को लेकर दो महिला उम्मीदवारों ने दावा किया, दोनों का नाम आकांक्षा सिंह था. इनमें से एक बिहार से थी और दूसरी यूपी के गाजीपुर की रहने वालीं आकांक्षा थी. हालांकि आखिर में आयोग ने साफ किया कि यूपी की आकांक्षा ही असली 301 रैंक होल्डर हैं. ऐसे में अब असली आकांक्षा ने सामने आकर अपनी कहानी बताई है और जो कंफ्यूजन पैदा हुआ था, उसे लेकर भी जवाब दिया है.
पेशे से डॉक्टर हैं आकांक्षा
यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में 301 रैंक लाने वालीं आकांक्षा सिंह पेशे से एक डॉक्टर हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, मेरा नाम डॉक्टर आकांक्षा सिंह है और मैं गाजीपुर यूपी से हूं. ये मेरा दूसरा अटेंप्ट था, पिछली बार इंटरव्यू कुछ मार्क्स से रह गया था. इस बार 301 रैंक आई है, मैं प्रोफेशनली एक एमबीबीएस गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर हूं.
डॉक्टर बनने के बाद UPSC क्यों?
आकांक्षा सिंह ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर बनने के बाद क्यों प्रशासनिक सेवा में जाने का ऑप्शन चुना. उन्होंने कहा, पहले डॉक्टर बनना होता है, क्योंकि आपको व्हाइट कोट अच्छा लगता है और ऐसा लगता है कि जब आप वहां जाते हैं तो ठीक होकर आते हैं. प्रशासनिक सेवा को इसलिए चुना, क्योंकि जब बड़े होते हैं तो समझ आता है कि डॉक्टर भी कहीं पर लिमिटेड हो जाते हैं, फिर वहां प्रशासन काम आता है. आप बड़े पैमाने पर सोसाइटी की दिक्कतों को सॉल्व कर सकते हैं.
विवाद पर भी दिया जवाब
आकांक्षा सिंह ने यूपीएससी की 301वीं रैंक पर हुए विवाद को लेकर भी जवाब दिया. जब उनसे पूछा गया कि एक फर्जी आकांक्षा सिंह ने उनकी रैंक पर दावा किया था, उसे वो किस नजर से देखती हैं... इस पर उन्होंने कहा, मैं इसे अपनी नजर से देख रही हूं, मेरी नजर से वो मेरी रैंक है और अब इसे लेकर सब कुछ साफ हो चुका है.