Reform in SSC Recruitment: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) एक जबरदस्त खुशखबरी लेकर आया है. अक्सर देखा गया है कि कड़ी मेहनत के बाद भी कई छात्र सिलेक्शन से चूक जाते थे, क्योंकि कुछ सीटें खाली रह जाती थीं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. SSC ने 'स्लाइडिंग मैकेनिज्म' (Sliding Mechanism) नाम का एक नया नियम पेश किया है, जो वेटिंग लिस्ट जैसा ही फायदा पहुंचाएगा. चलिए जानते हैं क्या है ये एसएससी का मैकेनिज्म...
आखिर क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
SSC ने गौर किया कि हर साल बड़ी संख्या में पद खाली रह जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कुछ स्टूडेंट सिलेक्शन होने के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए नहीं आते या फिर दूसरी बेहतर नौकरी मिलने के कारण जॉइन नहीं करते. चूंकि SSC में पहले कोई वेटिंग लिस्ट नहीं होती थी, इसलिए ये खाली सीटें अगले साल की भर्ती में जोड़ दी जाती थीं. इससे उस साल के योग्य उम्मीदवारों का नुकसान होता था. इसी समस्या को सुलझाने के लिए अब नया नियम लाया गया है.
पहला राउंड (FRTA)
सबसे पहले मौजूदा तरीके से ही रिजल्ट जारी होगा और उम्मीदवारों को उनकी पसंद के आधार पर पोस्ट दी जाएगी.
आधार वेरिफिकेशन (IV)
जिन छात्रों का नाम पहले राउंड में आएगा, उन्हें SSC के रीजनल ऑफिस जाकर अपना आधार वेरिफिकेशन (Aadhar Authentication) कराना होगा. इसके लिए उम्मीदवारों को लगभग 10 दिन का समय मिलेगा.
FIX और FLOAT का चुनाववेरिफिकेशन के दौरान छात्रों को दो ऑप्शन दिए जाएंगे:
FIXअगर आप अपनी मिली हुई पोस्ट से खुश हैं, तो इसे चुनें. इसके बाद आपकी पोस्ट नहीं बदली जाएगी.
FLOAT
अगर आप चाहते हैं कि खाली सीटें बचने पर आपको आपकी ऊपर वाली पसंद (Higher Preference) की पोस्ट मिले, तो इसे चुनें.
खाली सीटों पर मिलेगा मौका
वेरिफिकेशन के दौरान जो छात्र अब्सेंट रहेंगे, उनकी सीटें खाली मान ली जाएंगी. इन खाली सीटों को उन छात्रों से भरा जाएगा जिन्होंने FLOAT का ऑप्शन सेलेक्ट किया था. यानी मेरिट के आधार पर आपको अपनी मनपसंद पोस्ट मिलने के चांस बढ़ जाएंगे. इसके बाद एक फाइनल रिजल्ट जारी होगा और सिलेक्टेड छात्रों की फाइलें संबंधित विभागों को भेज दी जाएंगी.
इन बातों का रखें खास ख्याल
यह प्रोसेस सिर्फ एक बार की जाएगी, बार-बार लिस्ट नहीं निकलेगी. अगर आपने 'FLOAT' चुना और आपको नई पोस्ट मिल गई, तो आपको उसे जॉइन करना ही होगा. ऐसा न करने पर आप पुरानी और नई दोनों सीटों से हाथ धो बैठेंगे. अगर आप तय समय में वेरिफिकेशन के लिए नहीं पहुंचते हैं, तो आपकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी.
SSC का मानना है कि यह कदम छात्रों के हित में है और इससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सकेगा. जल्द ही आयोग इसका पूरा प्रोसेस (SOP) भी जारी करेगा.