Railway Peon Salary: रेलवे में नौकरी मतलब शानदार करियर माना जाता है. परमानेंट जॉब, हर महीने अच्छी सैलरी और कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं. यही वजह है कि टॉप लेवल पोस्ट से लेकर चपरासी या ग्रुप डी तक की भर्ती के लिए बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स अप्लाई करते हैं. यहां चपरासी की सैलरी भी बहुत अच्छी होती है. अगर आप भी रेलवे ग्रुप D की जॉब के लिए तैयारी कर रहे हैं और नहीं जानते कि चपरासी जैसी पोस्ट के लिए कितनी सैलरी और क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं, तो चलिए जानते हैं.
रेलवे में चपरासी कौन-सी पोस्ट में आता है
रेलवे में चपरासी जैसी पोस्ट आमतौर पर ग्रुप डी लेवल-1 (Group D Level-1) के तहत आती है. यह भर्ती RRB (Railway Recruitment Board) के जरिए होती है. देशभर में रेलवे अलग-अलग जोन में ग्रुप D के हजारों पदों पर भर्ती करता है. 10वीं पास, 12वीं पास या IIT वाले कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं.
रेलवे में चपरासी की बेसिक सैलरी कितनी होती है
7वें वेतन आयोग के हिसाब से रेलवे ग्रुप D (चपरासी जैसी पोस्ट) की शुरुआती बेसिक सैलरी 18,000 रुपये महीने होती है. यही फिक्स बेस पे है, जिससे बाकी भत्ते जुड़ते हैं. यानी भले ही शुरुआत सैलरी थोड़ी कम हो, लेकिन हाथ में आने वाली रकम इससे ज्यादा होती है.
सैलरी में कौन-कौन से पैसे जुड़ते हैं
रेलवे कर्मचारी को सिर्फ बेसिक सैलरी नहीं मिलती है. उन्हें कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं, जिसमें सबसे पहले महंगाई भत्ता (DA) आता है, जो बेसिक का करीब 34% तक हो सकता है. फिर मकान किराया भत्ता (HRA) मिलता है, जो शहर के हिसाब से 8%, 16% या 24% तक हो सकता है. इसके अलावा यात्रा भत्ता भी मिलता है, जो पोस्टिंग की जगह पर निर्भर करता है. इन सबको जोड़ने के बाद कुल सैलरी करीब 22,000 से 28,000 रुपये महीने तक पहुंच सकती है. बड़े शहरों में पोस्टिंग हो तो रकम थोड़ी ज्यादा भी हो सकती है.
हाथ में कितनी सैलरी आती है
सैलरी में कटौती जैसे PF और टैक्स निकालने के बाद आमतौर पर रेलवे ग्रुप D कर्मचारी के हाथ में करीब 22,000 से 25,000 रुपए तक सैलरी आती है. शहर के हिसाब से यह थोड़ा कम ज्यादा भी हो सकती है. इसके अलावा रेलवे कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा मिलती है. परिवार के लिए भी इलाज की सुविधा रहती है. रिटायरमेंट के बाद पेंशन और दूसरी सुविधाएं मिलती हैं.