स्टाफ क्राइसिस से जूझ रहा NCERT, 57% पद खाली, सिलेबस तैयार करने में हो रही देरी, कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ के भरोसे सिस्टम

NCERT Staff Crisis: NCERT में आधे से ज्यादा पद खाली हैं और ज्यादातर काम कन्ट्रैक्चुअल स्टाफ के भरोसे चल रहा है, जिसका असर बच्चों को टेक्स्टबुक पर पड़ रहा है और हाल ही में एक किताब का सेलेबस भी विवादों में रहा. जानिए कहां कितने पद खाली हैं.

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NCERT में सबसे ज्यादा खाली पद ग्रुप सी में है.

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) पिछले कई सालों से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है. आलम ये है कि रिवाइज्ड पोस्ट का आधा हिस्सा भी भर नहीं पा रहा है और ज्यादातर काम कन्ट्रैक्चुअल स्टाफ के भरोसे ही है. सरकारी डेटा के अनुसार, कुल 2,844 पदों में से सिर्फ 1,219 ही भरे गए हैं, जबकि 1,625 पद खाली हैं. इसका मतलब है कि NCERT के 57% पद अभी भी खाली हैं, जिसका असर बच्चों के सेलेबस और टेक्स्टबुक बनाने पर देखने को भी मिल रहा है.

NCERT में किस पोस्ट के लिए कितने स्टाफ कम

NCERT में सबसे ज्यादा खाली पद ग्रुप सी में है. 1,520 पोस्ट्स में से सिर्फ 411 ही भरे गए हैं, यानी 1,109 पद खाली हैं. जो करीब 73% वैकेंट सीटें हैं. ग्रुप बी में 677 में से 369 भरे गए हैं, यानी लगभग 45% खाली पड़े हैं और ग्रुप A में 647 में से 439 भरे हैं, यानी 32% पद खाली हैं. NCERT ने 27 दिसंबर 2025 को 173 नॉन-एकेडमिक पोजिशन के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया, जिसमें 9 ग्रुप ए, 26 ग्रुप बी और 138 ग्रुप सी पोस्ट शामिल थे.

कन्ट्रैक्चुअल स्टाफ से हो रहा काम

पिछले पांच सालों में NCERT ने 445 परमानेंट कर्मचारी (229 एकेडमिक और 216 नॉन-एकेडमिक) और 3,567 कन्ट्रैक्चुअल स्टाफ को हायर किया यानी स्थायी हायरिंग की तुलना में करीब 8 गुना ज्यादा ज्यादा की नियुक्ति हुई.2020-21 और 2021-22 में स्थायी भर्ती बिल्कुल नहीं हुई, जबकि 720 और 746 कन्ट्रैक्चुअल स्टाफ हायर किए गए. 31 जनवरी 2026 को NCERT ने 117 एकेडमिक पोस्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं.

NCERT में खाली पदों का असर

NCERT के स्टाफ क्राइसिस का असर टेक्स्टबुक बनाने और एनालिसिस पर दिख रहा है. 8वीं क्लास के सोशल साइंस के बुक में 'corruption in the judiciary' शामिल थी, जिसकी कानूनी एक्सपर्ट से समीक्षा नहीं कराई गई, असर देशभर ने देखा कि कैसे सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाई और फटकार पड़ी. सरकार को भी बीच में आना पड़ा. एक्सपर्ट्स के अनुसार, कन्ट्रैक्चुअल स्टाफ पर निर्भरता और लंबे समय तक खाली पद किसी भी एकेडमिक इंस्टीट्यूट को कमजोर बनाते हैं, जो 8वीं सोशल साइंस पार्ट-2 बुक 2025-26 सेशन के लिए अक्टूबर-नवंबर में उपलब्ध होनी चाहिए थी, वो फरवरी 2026 में आखिरी समय पर रिलीज की गई और फिर वापस भी ले ली गई, जिसका असर बच्चों और टीचर्स पर पड़ा.

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NCERT के कहां कितनी पोस्ट खाली है

  • एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ- 899 पद
  • टीचिंग स्टाफ- 232 पद
  • नॉन-टीचिंग
  • स्टाफ- 404 पद

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