एस्ट्रोनॉट्स को कितनी सैलरी देते हैं NASA और ISRO? पैकेज जान उड़ जाएंगे होश

भारत में इसरो (ISRO) और अमेरिका में नासा (NASA) के अलग-अलग फील्ड के साइंटिस्ट और एस्ट्रोनॉट्स कड़ी मेहनत के बाद बड़ी सफलता का स्वाद चखते हैं और अंतरिक्ष में नई-नई खोज अपने-अपने देश का नाम रोशन करते है. इसके लिए उन्हें कितनी सैलरी मिलती है, क्या आपको इस बात का अंदाजा है.

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अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की बात करें तो इसमें अंतरिक्ष यात्रियों की तीन ग्रेड होती है.

NASA A Astronaut Salary :  एक नहीं बल्कि कईयों की ड्रीम जॉब होती है, लेकिन इसके लिए जीतोड़ मेहनत करनी पड़ती है. एस्ट्रोनॉट्स का काम इतना आसान नहीं होता है, जितना कैमरे पर दिखता है. एस्ट्रोनॉट्स की जॉब्स बस स्पेस क्राफ्ट में उड़ान भरना, यूनिवर्स के चक्कर लगाना और ग्रहों और तारों को पास देखना ही नहीं है, बल्कि इससे पहले वो एक गहन रिसर्च स्टडी करते हैं, जिसके लिए उन्हें दिन रात एक करना पड़ता है. भारत में इसरो (ISRO) और अमेरिका में नासा (NASA) के अलग-अलग फील्ड के साइंटिस्ट और एस्ट्रोनॉट्स कड़ी मेहनत के बाद बड़ी सफलता का स्वाद चखते हैं और अंतरिक्ष में नई-नई खोज अपने-अपने देश का नाम रोशन करते है. इसके लिए उन्हें कितनी सैलरी मिलती है, क्या आपको इस बात का अंदाजा है. चलिए हम बताते हैं नासा और इसरो अपने एस्ट्रोनॉट्स को कितनी सैलरी देते हैं.

नासा में एस्ट्रोनॉट्स का सैलरी पैकेज

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की बात करें तो इसमें अंतरिक्ष यात्रियों की तीन ग्रेड होती है. पहले ग्रेड में जीएस-13, दूसरी ग्रेड- जीएस 14 और सबसे उच्च जीएस-15 ग्रेड होती हैं. शुरुआत में इसमें 70 लाख रुपये तक सालाना सैलरी मिलती है. अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों की सालाना सैलरी (1.08 करोड़ रुपये से 1.41 करोड़ रुपये) तक होती है. इसी के साथ नासा एस्ट्रोनॉट्स को सेना के नियम के अनुसार ही वेतन, भत्ते और छुट्टियां मिलती हैं. इसके साथ लाइफटाइम मेडिकल फेसिलिटी और पेंशन समेत कई भत्ते मिलते हैं. एस्ट्रोनॉट्स को भी टैक्स भरना होता है.

इसरो में अंतरिक्ष यात्री का सैलरी पैकेज

वहीं, बात करें भारत के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की तो यहां अंतरिक्ष यात्रियों को सलाना 12 से 20 लाख रुपये का पैकेज मिलता है. यानी अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों को 20 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज मिलता है. इनकी सालाना आय हर साल बढ़ती भी रहती है. यह उनकी रैंक, भूमिका और अनुभव पर निर्भर करता है. बेसिक सैलरी के साथ-साथ उन्हें मकान भत्ता किराया, महंगाई भत्ता और परिवहन भत्ता भी मिलता है.

कैसे बनते हैं एस्ट्रोनॉट?

नासा के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स में बैचलर डिग्री होनी चाहिए. अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए साइंस, टेक्नोलॉजी या फिर इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ दो साल या फिर जेट एयरक्राफ्ट में एक हजार घंटे की उड़ान का एक्सपीरियंस होना चाहिए. यानी पायलट इन कमांड एक्सपीरियंस होना चाहिए. नासा में अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए अमेरिकी नागरिकता होनी चाहिए.

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