जम्मू और कश्मीर सरकार केंद्र शासित प्रदेश की सिविल सर्विस परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी उम्र सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. विधानसभा में सरकार की और इसकी जानकारी दी गई. सरकार ने बताया, जम्मू और कश्मीर कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (JKCCE) में बैठने वाले कैंडिडेट्स की ऊपरी उम्र सीमा बढ़ाने की समीक्षा की जा रही है. साल 2018 के नियमों के तहत अभी यह सीमा ओपन मेरिट कैंडिडेट्स के लिए 32 साल, रिज़र्व्ड कैटेगरी और इन-सर्विस कैंडिडेट्स के लिए 34 साल और फिजिकली हैंडीकैप्ड एप्लीकेंट्स के लिए 35 साल है.
जानें क्या कहा सरकार ने
हंदवाड़ा के MLA सज्जाद गनी लोन के कट मोशन के जवाब में, जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के इंचार्ज मिनिस्टर ने कहा कि जम्मू और कश्मीर कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन 2018 रूल्स के मौजूदा प्रोविजन, ओवरऑल सर्विस रिक्वायरमेंट, कैडर मैनेजमेंट कंसीडरेशन और दूसरे अधिकार क्षेत्रों में फॉलो किए जाने वाले कम्पेरेटिव रिक्रूटमेंट स्टैंडर्ड्स को देखते हुए इस मामले की जांच की जा रही है.
सरकार ने कहा, 2018 का SRO 103 जारी होने से पहले, कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जाम में बैठने के लिए ऊपरी उम्र सीमा ओपन मेरिट कैंडिडेट्स के लिए 30 साल और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के कैंडिडेट्स और राज्य में सिविल पोस्ट पर काम करने वाले या कम से कम तीन साल तक लगातार टेम्पररी पोस्ट पर काम करने वाले कैंडिडेट्स के लिए 32 साल थी.
मंत्री ने कहा कि 2018 में जारी नियमों के अनुसार ओपन मेरिट कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी उम्र सीमा 32 साल, आरक्षित कैटेगरी और इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए 34 साल और शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों के लिए 35 साल तय की गई.