देश की सबसे अहम अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में कुल 18142 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 2613 पद खाली पड़े हुए हैं, यानी कुल स्वीकृत पदों में 14.4% खाली पड़े हैं. यह अहम जानकारी कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी है. सांसद बापी हलदार ने प्रधानमंत्री से ISRO में स्वीकृत, पदस्थापित और रिक्त पदों के बारे में विवरण मांगा था. इन्हें भरने के लिए निर्धारित समयसीमा के बारे में जानकारी मांगी थी.
जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया:
- ISRO में कुल 18142 स्वीकृत पद में से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्रेणी के कुल 14108 पद हैं, जबकि 4034 प्रशासनिक पद हैं.
- अभी 12472 (85.6%) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्रेणी के पद पर अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 3057 प्रशासनिक अधिकारी काम कर रहे हैं.
- ISRO में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्रेणी के 1636 पद खाली पड़े हुए हैं, जबकि 977 प्रशासनिक पद खली पड़े हुए हैं.
- कुल 2613 पद खाली पड़े हुए हैं, यानि 14.4%
भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर 2026 तक पूरी
केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेन्द्र सिंह के मुताबिक, "1449 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है और विभिन्न चरणों में है. विभाग आश्वस्त करता है कि यह प्रक्रिया अक्टूबर 2026 तक पूरी हो जाएगी". केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेन्द्र सिंह ने लोकसभा में दी लिखित जानकारी में कहा - 933 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है और रिक्तियों को भरना चयन प्रक्रिया के परिणामों पर निर्भर करेगा.