भारतीय सेना ने आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) एंट्री स्कीम के नियमों में बदलाव किया है. अब ग्रेजुएट जवान पहले के मुकाबले जल्द ऑफिसर बन सकेंगे. ये ग्रेजुएट जवानों के लिए बड़ा और अहम फैसला है. नए नियमों के अनुसार ग्रेजुएट जवानों को अफसर बनने के लिए चार साल की लंबी ट्रेनिंग नहीं करनी होगी, बल्कि सिर्फ डेढ़ साल में ही यह सपना पूरा हो सकेगा. यह बदलाव सेना की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद अफसरों की कमी को तेजी से पूरा करना है. हालांकि 12वीं जवानों के लिए नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उन्हें चार साल की ही पूरी ट्रेनिंग करनी होगी.
क्या था पहले का नियम
भारतीय सेना के पहले के नियम के अनुसार अगर कोई जवान ऑफिसर बनना चाहता था, उसे एसीसी में जाकर ट्रेनिंग लेनी होती थी. जो कि चार साल की होती थी. 12वीं पास हो या ग्रेजुएट, जवानों को चार साल की ट्रेनिंग से गुजराना पड़ता था. देहरादून के एसीसी विंग में 3 साल की पढ़ाई कराई जाती थी, जो की ग्रेजुएशन लेवल की होती थी. तीन साल बाद इंडियन मिलिट्री एकेडमी यानी आईएमए में 1 साल की प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग दी जाती थी. यानी कुल मिलाकर 4 साल लग जाते थे ऑफिस बनने में.
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे हैरान करने वाली ये बात थी कि ग्रेजुएट जवानों को भी वही 3 साल की पढ़ाई करनी पड़ती थी, जो पहले उन्होंने कर रखी है. ग्रेजुएट जवान और 12वीं पास जवान को एक ही लेवल की पढ़ाई करवाई जाती थी.
अब नए नियम में क्या किया गया है बदलाव
- ग्रेजुएट जवानों के लिए यह 4 साल की ट्रेनिंग को अब 1.5 साल का कर दिया गया है.
- एसीसी में 3 साल की पढ़ाई नहीं करनी होगी.
- ग्रेजुएट जवानों को सीधा ट्रेनिंग दी जाएगी.
- 12वीं पास जवानों के लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उन्हें 4 साल की पढ़ाई करनी होगी.
अधिकारियों के 8000 से ज्यादा पद खाली
सेना में अफसरों की कमी के चलते ही ये फैसला लिया गया है. बता दें कि सेना में अधिकारियों के करीब 8000 से ज्यादा पद खाली हैं. इन पद खाली होने से यूनिट्स की लीडरशिप पर असर पड़ रहा है. ऐसे में अब ये नया नियम लाया गया है. इसकी मदद से ग्रेजुएट जवानों को तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.