रिटायरमेंट के बाद अब रेलवे में चमकेंगे अग्निवीर और आर्मी के जवान, मिलेगा रोजगार

इंडियन आर्मी और रेल मंत्रालय ने हाथ मिला लिया है और एक खास समझौता किया है जिसे “फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन” का नाम दिया गया है. इस समझौते का मकसद उन जवानों को रेलवे में नौकरी के बेहतर मौके देना है जो सेना से रिटायर हो रहे हैं.

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 रिटायर हो रहे जवानों के लिए एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा जो उनकी स्किल के हिसाब से उन्हें रेलवे में सही जगह फिट होने में मदद करेगा.

Indian army railway jobs : भारतीय सेना के जवानों और भविष्य के 'अग्निवीरों' के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले इन वीरों को रिटायरमेंट के बाद अब करियर की चिंता नहीं सताएगी. जी हां, आपने सही पढ़ा. दरअसल, इंडियन आर्मी और रेल मंत्रालय ने हाथ मिला लिया है और एक खास समझौता किया है जिसे “फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन” का नाम दिया गया है. इस समझौते का मकसद उन जवानों को रेलवे में नौकरी के बेहतर मौके देना है जो सेना से रिटायर हो रहे हैं.

आपको बता दें कि यह प्लान सेना की सीनियर लीडरशिप और रेल मंत्रालय के बड़े अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है. इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जब एक फौजी अपनी वर्दी उतारकर सिविलियन लाइफ  में वापस आए, तो उसे एक अच्छी नौकरी और सम्मानजनक करियर मिलने में कोई परेशानी न हो.

जवानों को मिलेगा दो बड़ा फायदा

अक्सर देखा जाता है कि सेना से रिटायर होने के बाद कई जवानों को सही जानकारी न होने की वजह से अच्छी नौकरियां नहीं मिल पातीं. लेकिन अब इस नई पहल से दो बड़े फायदे होंगे-

  1. रेलवे में समय-समय पर निकलने वाली नौकरियों के बारे में जवानों को समय रहते पूरी जानकारी दी जाएगी.
  2.  रिटायर हो रहे जवानों के लिए एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा जो उनकी स्किल के हिसाब से उन्हें रेलवे में सही जगह फिट होने में मदद करेगा.

यह समझौता सिर्फ नौकरी देने तक सीमित नहीं है बल्कि देश के विकास में अनुभवी सैनिकों के अनुशासन और उनके हुनर का इस्तेमाल करने की एक बड़ी कोशिश है. रेलवे को ऐसे कर्मचारियों की जरूरत होती है जो अनुशासित हों और कठिन परिस्थितियों में काम कर सकें.

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