IIT or UPSC which exam is more difficult : देश में IIT और UPSC ये दो परीक्षाएं हमेशा चर्चा में रहती हैं. एक देश के टॉप इंजीनियर तैयार करती है, तो दूसरी देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी. अक्सर छात्रों के मन में सवाल होता है कि आखिर इन दोनों एग्जाम में से ज्यादा कठिन कौन सा है? IIT बॉम्बे से पढ़ाई कर चुके और बाद में IPS बने अवधेश दीक्षित ने एक इंटरव्यू में इस पर अपना दिलचस्प नजरिया शेयर किया.
IIT की तैयारी और कम उम्र का दबाव - IIT Preparation and Pressure at a Young Age
IIT की परीक्षा ज्यादातर स्टूडेंट कम उम्र में देते हैं, जब वे तकरीबन 17–18 साल के होते हैं. इस उम्र में अनुभव कम होता है, लेकिन पढ़ाई का दबाव बहुत ज्यादा होता है. ये कम्पटीशन बहुत टफ होता है. अवधेश दीक्षित के मुताबिक, इस उम्र में इतनी बड़ी परीक्षा निकालना आसान नहीं होता क्योंकि इस उम्र में स्टूडेंट में एक्सपीरियंस और मैच्योरिटी कम होती है.
कॉन्फिडेंस बनाता है IIT का सफर - IIT Journey Builds Strong Confidence
IIT क्रैक करने के बाद स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस काफी बढ़ जाता है. चार साल तक देश के बेहतरीन ब्रेन के बीच पढ़ाई करने से उनका सोचने का तरीका और समस्या हल करने की क्षमता मजबूत होती है. यही आत्मविश्वास आगे किसी भी बड़ी परीक्षा की तैयारी में मदद करता है.
UPSC में परिपक्वता का फायदा - Maturity Helps in UPSC
UPSC की परीक्षा आमतौर पर स्टूडेंट ग्रेजुएशन के बाद देते हैं. इस समय तक वे मानसिक रूप से ज्यादा मैच्योर हो चुके होते हैं. उन्हें पता होता है कि तनाव को कैसे संभालना है, टाइम मैनेजमेंट कैसे करना है और लंबे सिलेबस को कैसे कवर करना है. इसलिए अवधेश दीक्षित मानते हैं कि परिपक्वता यानी मैच्योरिटी UPSC में बड़ी भूमिका निभाती है.
कौन सी परीक्षा ज्यादा टफ - Which Exam is Tougher
उनके मुताबिक, अगर दोनों की तुलना की जाए तो IIT की परीक्षा ज्यादा कठिन लग सकती है, क्योंकि इसे कम उम्र में भारी कॉम्पटीशन के बीच निकालना होता है. IIT निकालने के बाद UPSC की तैयारी आसान महसूस हो सकती है, क्योंकि तब तक आत्मविश्वास, अनुशासन और पढ़ाई की आदत मजबूत हो चुकी होती है.