- हरियाणा सरकार में चालक यब्बू प्रसाद पांडे ने 33 वर्षों से अधिक सेवा के बाद 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्ति ली
- आईएएस अधिकारी सुशील सारवान ने पांडे को उनकी सेवानिवृत्ति पर स्वयं वाहन चलाकर घर छोड़ा, जो एक अनूठा सम्मान था
- यब्बू प्रसाद पांडे ने 1993 में सरकारी सेवा आरंभ की और कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम किया था
हरियाणा सरकार में चालक यब्बू प्रसाद पांडे के लिए आज का दिन कभी नहीं भूल सकने वाला रहा. वो अपने सेवाकाल में तमाम अफसरों को बैठाकर कार चलाता रहा और आज उनके रिटायरमेंट ड्राइवर सीट पर आईएएस अधिकारी सुशील सारवान बैठे थे, जो यब्बू प्रसाद पांडे को उनके घर छोड़ने जा रहे थे. यब्बू प्रसाद पांडे 33 साल की सेवा के बाद 31 अक्टूबर 2026 को रिटायर हो गए. उनकी आखिरी पोस्टिंग हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (एचआरडीएफ) बोर्ड में रही. रिटायरमेंट पर बोर्ड निदेशक आईएएस सुशील सारवान उनके चालक बने.
रिटायरमेंट पर भावुक हुए पांडे
दरअसल, सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारियों के बीच औपचारिक संबंध आम माने जाते हैं, लेकिन हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक एवं आईएएस अधिकारी सुशील सारवान ने अपनी सादगी और मानवीय संवेदनशीलता से एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है. हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (एचआरडीएफ) बोर्ड में चालक के पद पर कार्यरत यब्बू प्रसाद पांडे 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए. लगभग 33 वर्ष 6 माह की लंबी सरकारी सेवा पूरी करने के बाद जब उनके विदा होने का समय आया तो निदेशक सुशील सारवान ने ऐसा कदम उठाया, जिसने यब्बू प्रसाद पांडे को ही नहीं बल्कि देखने वालों को भी भावुक कर दिया.
यब्बू प्रसाद पांडे ने 1993 को शुरू की सेवा
सेवानिवृत्ति के दिन सुशील सारवान खुद वाहन की ड्राइविंग सीट पर बैठे और यब्बू प्रसाद पांडे को उनके घर तक छोड़ने पहुंचे. यह केवल एक औपचारिक विदाई नहीं थी, बल्कि एक कर्मचारी के प्रति सम्मान, अपनत्व और मानवीय रिश्तों की गर्माहट का संदेश भी था. यब्बू प्रसाद पांडे ने 28 अप्रैल 1993 को हरियाणा सरकार में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने विभिन्न कार्यालयों में जिम्मेदारियां निभाईं और कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, मुख्य सचिवों तथा अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ काम किया.
HRDF बोर्ड में कार्यरत चालक यब्बू प्रसाद पांडे को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर स्वयं गाड़ी चलाकर उनके घर तक पहुंचाया.
सरकारी नौकरी जीवन का हिस्सा
विदाई के अवसर पर पांडे भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी उनके लिए सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है. इस दौरान उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला. उन्होंने आरके तेजा, आरके वर्मा, आरपी चंद्रा, हरदीप कुमार, अमिलश लिखी, एसके मोगा, अमित झा, अनुराग रस्तोगी, शिव रमन गौड़, उर्वशी गुलाटी, पी. राधाकृष्ण राव, राम निवास, नवराज सिद्धू और सुधीर राजपाल सहित अनेक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया. भावुक शब्दों में उन्होंने कहा कि भले ही वह सरकारी जिम्मेदारियों से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ बने रिश्ते कभी सेवानिवृत्त नहीं होंगे.
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