Hotel Management Abroad Jobs: आज की ग्लोबल दुनिया में होटल मैनेजमेंट सिर्फ देश तक सीमित करियर नहीं रह गया है. इंटरनेशनल होटल चेन, क्रूज, रिसॉर्ट्स और टूरिज्म कंपनियों को हर साल हजारों स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है. यही वजह है कि होटल मैनेजमेंट करने वाले स्टूडेंट्स के लिए विदेश में नौकरी के मौके तेजी से बढ़े हैं. अगर आप भी होटल मैनेजमेंट के बाद विदेश में जॉब करना चाहते हैं और नहीं जानते इसकी प्रोसेस क्या है, तो यहां जानिए पूरी डिटेल्स..
यह भी पढ़ें- कॉमर्स के छात्रों के लिए कौन सा AI कोर्स है सबसे बेहतर? कई गुना बढ़ जाएगी स्किल
सही होटल मैनेजमेंट कोर्स चुनें
विदेश में नौकरी का सपना तभी पूरा होता है, जब आपकी पढ़ाई की नींव मजबूत हो. आपको ऐसा होटल मैनेजमेंट कोर्स चुनना चाहिए जो मान्यता प्राप्त हो, जिसमें इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग शामिल हो और जिसका इंडस्ट्री से सीधा कनेक्शन हो. बीएचएम (BHM) या किसी अच्छे कॉलेज से किया गया डिप्लोमा विदेश में जॉब के लिए बेसिक जरूरत मानी जाती है. ऐसे संस्थान ज्यादा फायदेमंद होते हैं, जहां प्लेसमेंट सपोर्ट और इंटर्नशिप का अच्छा रिकॉर्ड हो.
पढ़ाई के साथ एक्सपीरिएंस भी जरूरी
विदेशी होटल सिर्फ डिग्री नहीं, रियल वर्क एक्सपीरियंस देखते हैं. आमतौर पर 1 से 2 साल का प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस होने पर प्रोफाइल स्ट्रॉन्ग मानी जाती है. ये आपकी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप या ग्रेजुएशन के बाद की गई फुल-टाइम जॉब से मिल सकता है. फूड एंड बेवरेज, फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग और किचन ऑपरेशंस का नॉलेज इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ज्यादा काम आता है.
फॉरेन लैंग्वेज सीखना
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में कम्युनिकेशन सबसे बड़ी ताकत है. अगर आप इंग्लिश के अलावा फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश या अरबी जैसी भाषा सीख लेते हैं, तो आपकी वैल्यू अपने-आप बढ़ जाती है. यूरोप और मिडिल ईस्ट के देशों में मल्टी-लैंग्वेज स्किल रखने वाले प्रोफेशनल्स को जल्दी शॉर्टलिस्ट किया जाता है.
इंटरनेशनल इंटर्नशिप से करें शुरुआत
अगर आप फ्रेशर हैं, तो सीधा फुल-टाइम जॉब पाने से पहले विदेश में इंटर्नशिप एक स्मार्ट रास्ता है. मैरियट, हयात, हिल्टन, अकोर जैसी बड़ी होटल चेन इंटरनेशनल इंटर्नशिप प्रोग्राम चलाती हैं. अक्सर ऐसा देखा गया है कि इंटर्नशिप के बाद स्टूडेंट्स को वहीं परमानेंट जॉब ऑफर मिल जाता है.
वीजा प्रोसेस
हर देश के वर्क वीजा के नियम अलग होते हैं. होटल मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कुछ पॉपुलर डेस्टिनेशन हैं. कनाडा में पीआर या वर्क परमिट के जरिए मौके मिलते हैं. ऑस्ट्रेलिया में स्किल्ड माइग्रेशन प्रोग्राम के तहत हॉस्पिटैलिटी जॉब्स आती हैं. दुबई और यूएई के होटल सीधे हायरिंग करते हैं. न्यूजीलैंड और यूरोप के देशों में होटल चेन के जरिए वर्क वीजा मिलता है. वीजा के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स पहले से तैयार रखना बहुत जरूरी है.
इंटरनेशनल जॉब पोर्टल्स और जरूरी सर्टिफिकेशन
विदेशी होटल्स तक पहुंचने के लिए आपको इंटरनेशनल लेवल के जॉब पोर्टल्स का मदद लेना होगा. प्रोफेशनल सीवी, क्लियर एक्सपीरियंस और सही स्किल्स के साथ अप्लाई करना जरूरी है. आपका रिज्यूमे इंटरनेशनल फॉर्मेट में होना चाहिए, जिसमें आपकी ट्रेनिंग, एक्सपीरियंस, सर्टिफिकेट्स और भाषा नॉलेज साफ-साफ लिखा हो. कई देशों में होटल जॉब के लिए एक्स्ट्रा सर्टिफिकेशन जरूरी होते हैं. फूड सेफ्टी, फर्स्ट एड, फायर सेफ्टी या लैंग्वेज टेस्ट जैसी चीजें आपकी प्रोफाइल को और मजबूत बनाती हैं.
विदेश में होटल जॉब पाने के टिप्स
- अपना लिंक्डइन प्रोफाइल एक्टिव और प्रोफेशनल रखें.
- विदेश में काम कर रहे लोगों से नेटवर्क बनाएं.
- हॉस्पिटैलिटी जॉब फेयर और इंडस्ट्री इवेंट्स पर नजर रखें.
- सॉफ्ट स्किल्स और ट्रेंड्स के साथ खुद को अपडेट रखें.