किस सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ रहीं नौकरियां? Economic Survey में छिपा है राज

Economic Survey Jobs: बजट से पहले पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार में 6% की बढ़ोतरी देखी गई है. साथ ही इसमें ये भी बताया गया है कि किन सेक्टर्स पर काम करने की जरूरत है.

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आर्थिक सर्वे में नौकरियों को लेकर रिपोर्ट

Economic Survey Jobs: बजट 2026 से ठीक पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि देश में क्या काम हुए और भविष्य में कौन सी चीजों पर फोकस किया जाएगा. इस आर्थिक सर्वे में ये भी पता चला कि देश की अर्थव्यवस्था की सेहत कैसी है और आगे किन सेक्टर्स में बूम आ सकता है. किस सेक्टर में सबसे तेजी से नौकरियां बढ़ रही हैं, इसका आंकड़ा भी इसमें पेश किया गया. इस सर्वेक्षण के मुताबिक भारत की इकोनॉमी को बदलने में सर्विस सेक्टर का बहुत बड़ा हाथ है. इकोनॉमिक सर्वे में नई नौकरियों का आंकड़ा भी दिया गया है, जिसमें बताया गया कि इंडस्ट्रियल और सर्विस सेक्टर में लाखों नई भर्तियां हुई हैं. आइए जानते हैं कि देश में किस क्षेत्र की नौकरियां तेजी से बढ़ रही हैं और कहां ग्रोथ ज्यादा देखी जा रही है. 

सर्विस सेक्टर का बड़ा हाथ

आर्थिक सर्वेक्षण की ये रिपोर्ट बताती है कि भारत की इकोनॉमी को बदलने में सर्विस सेक्टर (बैंकिंग, होटल, आईटी, पर्यटन आदि) का बहुत बड़ा हाथ है. डिजिटल इकोनॉमी ने 2023 में देश की कमाई में 11.74% का योगदान दिया, जिसके 2025 तक 13.42% होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि देश की तरक्की में सर्विस सेक्टर सबसे आगे है. इसके अलावा रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि नई टेक्नोलॉजी और स्किल्स सिखाने में ज्यादा निवेश से देश की तरक्की तेजी से होगी. सर्विस सेक्टर शहरों में रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा है. 

आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव (PLI) स्कीम्स से 14 सेक्टर्स में 2 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश आया है. इसी की वजह से सेल्स और प्रोडक्शन 18.7 लाख करोड़ से ज्यादा पहुंच गया, साथ ही  12.6 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियां मिली हैं. 

रोजगार से जुड़ी बड़ी बातें 

  • देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार में 6% की बढ़ोतरी देखी गई है. वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले 2024-25 में इस क्षेत्र में 10 लाख से ज्यादा नई नौकरियां पैदा हुईं.
  • जनवरी 2026 तक e-shram पोर्टल पर 31 करोड़ से ज्यादा असंगठित कामगारों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है.
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बेहतर बनाने के लिए 'विकसित भारत-ग्राम' (Viksit Bharat-Gram) के तहत मनरेगा (MGNREGS) में सुधार किया जा रहा है, ताकि इसे लंबे समय के विकास लक्ष्यों से जोड़ा जा सके. 
  • लेबर कोड के तहत अब 'गिग' और 'प्लेटफॉर्म' वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय, फ्रीलांसर) को भी सामाजिक सुरक्षा और योजनाओं का लाभ मिलेगा. 
  • मुद्रा योजना (PMMY) के तहत छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को अक्टूबर 2025 तक 36 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया गया, जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं.

किन सेक्टर्स में क्या हो रहा है?

  • IT (कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर): सबसे ज्यादा ट्रेनिंग इसी क्षेत्र में दी जा रही है. करीब 52.94% युवा इसे लेकर चीजें सीख रहे हैं. 
  • कपड़ा उद्योग (Textiles): 11.32% युवा कपड़ों और हैंडलूम से जुड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं. 
  • ऑफिस और बिजनेस का काम: 8.65% युवा इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं. 
  • कम ट्रेनिंग वाले क्षेत्र: बिजली, हेल्थकेयर और ब्यूटी जैसे सेक्टर्स में काम करने वालों की संख्या काफी कम है. 

क्या दिए गए सुझाव

नौकरी के बेहतर मौके और आर्थिक तरक्की के लिए इकोनॉमिक सर्वे में कुछ बदलावों के सुझाव दिए गए हैं. इसमें स्कूलों में स्किल एजुकेशन को बढ़ावा देने की बा कही गई है, जिससे बच्चे काम की बातें जल्दी सीख सकें. स्कूल की पढ़ाई को डिजिटल स्किल के साथ जोड़ने और नए कॉलेज खोलने का सुझाव भी दिया गया है. साथ ही  छोटे बिजनेस (MSMEs) के साथ मिलकर काम करने का जिक्र किया गया है, जिससे युवाओं को काम के दौरान ट्रेनिंग मिल पाए. इसमें सुझाव दिया गया है कि हमें सिर्फ कंप्यूटर या आईटी तक सीमित नहीं रहना चाहिए. इसके साथ हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज और हाई-टेक फैक्ट्रियों के लिए भी लोगों को तैयार करना जरूरी है. 

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