ना IIT का टैग, ना जॉब स्विच...फिर भी 2 साल में 12 से 24 लाख हो गया पैकेज, जानिए कैसे हुआ ये कमाल

टियर-3 कॉलेज से पढ़े इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बिना IIT-NIT और बार-बार जॉब बदलें, सिर्फ स्मार्ट अप्रोच और स्टार्टअप एक्सपीरियंस से 2 साल में अपनी सैलरी ₹12 LPA से ₹24 LPA तक बढ़ा ली, जानिए उन्होंने क्या किया.

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दो साल में दोगुना हुआ पैकेज

Career Growth Story: अगर आपको लगता है कि बड़ी सैलरी सिर्फ IIT-NIT वालों को ही मिलती है या फिर सैलरी बढ़ाने के लिए हर साल जॉब बदलना ही एकमात्र रास्ता है, तो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी आपकी सोच बदल सकती है. टियर-3 कॉलेज से पढ़े इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बिना किसी नामी कॉलेज टैग और बिना बार-बार कंपनी बदले सिर्फ 2 साल में अपनी सैलरी दोगुनी कर ली. कभी 25,000 रुपए कमाने वाला लड़का आज 24 लाख सालाना कमाता है. 

कॉलेज छोटा, लेकिन सोच बड़ी

इस टेक प्रोफेशनल ने साल 2023 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई एक ऐसे कॉलेज से पूरी की, जहां प्लेसमेंट के मौके बहुत कम थे, लेकिन उन्होंने आखिरी साल का इंतजार नहीं किया. तीसरे साल के बीच में ही उन्होंने इंडस्ट्री में उतरने का फैसला किया. उन्होंने एक स्टार्टअप में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया. शुरुआती स्टाइपेंड 25,000 रुपए महीना था. सिर्फ 5 महीने में उनके काम का असर दिखा और सैलरी बढ़कर 35,000 रुपए महीने की हो गई. यहीं से उन्हें असली कॉन्फिडेंस और रियल-वर्ल्ड एक्सपीरियंस मिला.

सीखने के लिए बदली जगह, पैसे अपने आप बढ़े

फाइनल ईयर में उन्होंने एक और स्टार्टअप जॉइन किया और फिर से इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया. इस बार स्टाइपेंड 45,000 रुपए मंथली था. छह महीने बाद उसी कंपनी ने उन्हें 12 लाख सालाना पैकेज पर फुल-टाइम ऑफर दे दिया. यही उनकी पहली बड़ी ब्रेकथ्रू थी.

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आज सालाना 24 लाख कमाई

सबसे खास बात कि फुल-टाइम बनने के बाद उन्होंने कंपनी नहीं बदली. एक साल के अंदर ही परफॉर्मेंस के आधार पर उनकी सैलरी बढ़कर ₹18 LPA हो गई. अगले अप्रेजल में यह आंकड़ा ₹24 LPA से भी ऊपर पहुंच गया. ना कोई IIT टैग, ना जॉब स्विच, सिर्फ अच्छे काम की वजह से पैकेज बढ़ता गया.

जॉब कैसे मिली, इंक्रीमेंट के लिए क्या किया

टेक प्रोफेशनल ने बताया कि उन्होंने नौकरी पोर्टल्स पर भरोसा नहीं किया. उनकी स्ट्रैटेजी नए-नए फंडिंग पाने वाले स्टार्टअप्स को ट्रैक करना, ऐसे स्टार्टअप्स के फाउंडर्स को लिंक्डइन पर ढूंढना और सीधे उन्हें मैसेज करना और साफ-साफ बताना कि वो किस रोल के लिए फिट हैं. यही डायरेक्ट अप्रोच उनके लिए काम की साबित हुई. उन्होंने हाल ही में डेवलपर्स इंडिया सबरेडिट (Developers India Subreddit) पर इसे शेयर किया.

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