Success Story : लखनऊ की सड़कों पर कैब चलाने वाले उपेंद्र गुप्ता के लिए यह कोई आम दिन नहीं था. जब एक सवारी ने उनसे उनकी खुशियों का ठिकाना पूछा, तो उनके चेहरे की चमक और आंखों की नमी ने एक ऐसी कहानी बयां की, जिसे सुनकर आज पूरा देश उन्हें सलाम कर रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यह गौरवान्वित पिता अपनी बेटियों की सफलता का जिक्र करते हुए कहता है- "अब हम CBI ऑफिसर के पापा बन गए हैं."
संघर्ष से सफलता तक का सफर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो में उपेंद्र गुप्ता बताते हैं कि उनकी बेटियों ने बिना किसी बाहरी कोचिंग के, केवल अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं CBI और IAS में जगह बनाई है.
अपनी आर्थिक तंगी और कम शिक्षा का जिक्र करते हुए उपेंद्र भावुक होकर कहते हैं, "आर्थिक तंगी की वजह से मैं खुद तो ज्यादा नहीं पढ़ सका, लेकिन आज अपनी बेटियों को ऊंचे मुकाम पर देख मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है. माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है?"
बिना कोचिंग के हासिल किया मुकाम
आज के दौर में जहां प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लाखों रुपये की कोचिंग को जरूरी माना जाता है, वहीं उपेंद्र की बेटियों ने घर पर रहकर खुद पढ़ाई की और सफलता का परचम लहराया. पिता के मुताबिक, उनकी बेटियां घंटों पढ़ाई में डूबी रहती थीं. उनकी यह अचीवमेंट न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि उन तमाम मीडिल क्लास फैमिली के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं.
सब्जी बेचने वाली मां के लाल ने भी रचा था इतिहास
पिता-पुत्री की इस जोड़ी ने लोगों को उस घटना की याद दिला दी, जब कुछ समय पहले एक सब्जी बेचने वाली महिला के बेटे गोपाल सावंत ने CRPF परीक्षा पास की थी. उस समय भी वर्दी में अपनी मां के पास पहुंचे बेटे और फूट-फूट कर रोती मां के वीडियो ने पूरे देश को भावुक कर दिया था.
ऐसी कहानियां साबित करती हैं कि सफलता किसी महल की मोहताज नहीं होती, यह सिर्फ मेहनत और पक्के इरादों से हासिल की जा सकती है.