मेहनत, लगन और कुछ कर गुजरने की ललक... जब ये तीन चीजें मिल जाती हैं, तो सफलता कदम चूमती है. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (PCS) के परिणाम घोषित होते ही अमेठी के एक छोटे से मजरे में खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा. क्षेत्र के पूरे मतख मजरे गोकुलपुर रोझइया गांव के रहने वाले अभिषेक प्रताप सिंह ने डिप्टी जेलर के पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है.
प्राथमिक शिक्षा से ही था 'अफसर' बनने का जुनूनअभिषेक प्रताप सिंह एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता राजेश प्रताप सिंह खेती-किसानी कर बेटे के सपनों को सींचते रहे. अभिषेक की शुरुआती शिक्षा से ही यह साफ था कि उनमें कुछ बड़ा करने की ललक है. उन्होंने कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई हेमकुंड मुंशीगंज से पूरी की. इसके बाद उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में जुट गए.
जैसे ही अभिषेक के डिप्टी जेलर बनने की खबर गांव पहुंची, बधाई देने वालों का तांता लग गया. उनकी माता माधुरी देवी (गृहणी) और बहन सौम्या सिंह गौर्विनित महसूस कर रही हैं. चाचा राकेश प्रताप सिंह ने गर्व से बताया कि अभिषेक बचपन से ही मेधावी थे और उनका लक्ष्य हमेशा से समाज के लिए कुछ करने का रहा है.
रिपोर्ट- फ़ैज़ अब्बास