नोएडा@50: नमो भारत रैपिड रेल से 6 लेन एलिवेटेड रोड तक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 4 चांद लगाएंगे ये 9 प्रोजेक्ट
Noida Foundation Day News: नोएडा आज अपना 50वां स्थापना दिवस मना रहा है. नोएडा में आने वाले समय में कौन से रियल एस्टेट प्रोजेक्ट या इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप हो रहा है, आइए जानते हैं नोएडा एलिवेटेड रोड से लेकर एक्सप्रेसवे तक पूरी कहानी
Noida Foundation Day: नोएडा आज 50 साल का हो गया है. गौतम बुद्ध नगर आज अपनी स्थापना की स्वर्ण जयंती मना रहा है. डीएनडी, नोएडा मेट्रो जैसे कनेक्टिविटी के कदमों के बाद आज नोएडा एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी जैसे नए नगीने नोएडा की चमक-दमक बढ़ा रहे हैं. नोएडा उत्तर भारत का बड़ा आईटी हब के साथ मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर है. नोएडा के पास जल्द ही बोड़ाकी में अपना अंतरराष्ट्रीय स्तर का रेलवे स्टेशन भी होगा. चिल्ला एलिवेटेड रोड के साथ नोएडा मेट्रो का विस्तार भी हो रहा है.
1. नमो भारत ट्रेन (RRTS) कॉरिडोर
नोएडा में कुछ सालों के भीतर नमो भारत ट्रेन यानी रैपिड रेल दौड़ती हुई दिखाई देगी. गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर को लेकर हरियाणा सरकार ने 64 किमी लंबे कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को मंजूरी दी है. यह कॉरिडोर गुरुग्राम के इफ्को चौक से शुरू होकर फरीदाबाद होते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ेगा.
गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट लिंक
यह कॉरिडोर गाजियाबाद के रैपिड रेल स्टेशन से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के रास्तों से होते हुए सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) तक जाएगा। इससे दिल्ली, मेरठ और नोएडा के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगा. इससे नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर के सभी बड़े शहरों को जोड़ने वाली हाईस्पीड रेल से कनेक्ट रहेगा.
2. जेवर-फरीदाबाद एक्सप्रेसवे
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बाद यह 31 किमी लंबा एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हरियाणा के फरीदाबाद (बल्लभगढ़) से सीधे जोड़ेगा. यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए एक फीडर रूट का काम करेगा.

3. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का विकल्प
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए यमुना पुश्ता के साथ 31 किमी लंबी 6 लेन की एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी है. यह रोड सेक्टर 94 यानी ओखला बैराज से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे (गुलिस्तापुर घरबारा) तक जाएगी.
4. चिल्ला एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर
चिल्ला एलिवेटेड रोड के जरिये दिल्ली के मयूर विहार से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक सीधे तेज रफ्तार ट्रैफिक का प्लान बन रहा है. इससे दिल्ली से नोएडा आने वाले यात्रियों को डीएनडी या सेक्टर-14ए और फिल्म सिटी के आसपास ट्रैफिक से नहीं जूझना पड़ेगा.
5. नोएडा मेट्रो का विस्तार
सेक्टर142 से बोटेनिकल गार्डन मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है. इसका ट्रैक 11.56 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें 8 स्टेशन सेक्टर 142, नोएडा सेक्टर 93, पंचशील बालक इंटर कालेज, नोएडा सेक्टर 108, नोएडा सेक्टर 97, नोएडा ऑफिस, नोएडा सेक्टर 44 स्टेशन बोटेनिकल गार्डन से जुड़ेंगे.ये एक्वा लाइन को सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन से जोड़ेगी. 7.5 किमी लंबी ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो को भी हरी झंडी मिल गई है. इसमें पांच स्टेशन होंगे, जो सेक्टर 61, सेक्टर 70, सेक्टर 122, सेक्टर 123, किसान चौक सेक्टर 4 को जोड़ेंगे. इस पर 1050 करोड़ खर्च होंगे.
6. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA)
नोएडा एयरपोर्ट का पहला चरण 28 मार्च को शुरू हो चुका है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी तेज है. जेवर के आसपास यमुना सिटी बसाई जा रही है. यीडा यहां कई आवासीय क्लस्टर विकसित करने की तैयारी में है.

7. ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी
ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल फिल्म सिटी सेक्टर-21 (YEIDA) में फिल्म सिटी का काम शुरू हो गया है. यहां स्टूडियो, 5 सितारा होटल और स्विट्जरलैंड की वादियों से लेकर घने जंगलों की शूटिंग जैसे सेट होंगे. यहां के लिए पॉड टैक्सी चलाने की योजना है. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 5A और सेक्टर 7 में 500 एकड़ क्षेत्र में जापानी सिटी और सिंगापुर सिटी बनाई जाएगी.
ये भी पढ़ें - Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो का बदला रूट, नोएडा एयरपोर्ट की नमो भारत ने डाला असर, अब सिर्फ पांच स्टेशन
8. बोड़ाकी रेलवे स्टेशन
दादरी के पास बोड़ाकी में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के तौर पर लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है. ये माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख केंद्र बनेगा. यहां यात्री रेलवे स्टेशन विकसित करने की भी योजना है.
ये भी पढ़ें - Namo Bharat: नमो भारत रैपिड रेल ही नहीं, नोएडा एयरपोर्ट तक चलेगी बुलेट ट्रेन! रेल मंत्री दे सकते हैं गुड न्यूज
9. न्यू नोएडा सिटी बसाने की तैयारी
दादरी नोएडा गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तौर पर न्यू नोएडा सिटी बसाने की तैयारी है. न्यू नोएडा को गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के 80 गांवों की जमीन पर स्थापित किया जाना है. मास्टर प्लान 2041 के मुताबिक, न्यू नोएडा 21 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा.
ये भी पढ़ें: नोएडा @50: दादरी, जेवर, खुर्जा, बुलंदशहर... अब किधर और कितना बढ़ेगा सपनों का नगर?
ये भी पढ़ें: नोएडा @50: आज 50 साल का हो गया नोएडा, कभी छोटे कारखाने थे, आज 12 लाख मजदूर, 15 हजार कारखाने, बना UP का पावरहाउस
-
Opinion: ईरान पहुंचा रूस का ‘कयामत वाला प्लेन’, पश्चिमी देशों के लिए क्या मैसेज?
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे ताबड़तोड़ हमलों के बीच रूस भी एक्टिव हो गया है. मास्को ने ईरान में डूम्सडे प्लेन भेज दिया है. ये बेहद खतरनाक प्लेन माना जाता है. इसे 'कयामत का विमान' भी कहा जाता है.
-
अमरनाथ में शिवलिंग 3 वजहों से पिघल कर हुआ 'अंतर्धान', फिर भी भोले के भक्तों ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड
Amarnath Shivling Melt: अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि इस साल अमरनाथ यात्रा ने एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है. यात्रा के शुरुआती 12 दिनों में ही पवित्र गुफा के दर्शन करने वालों की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई है. बता दें कि बाबा बर्फानी इस साल कुछ ही दिनों में पिघल गए थे, पर्यावरणविदों ने इसे लेकर चेतावनी भी दी है.
-
Opinion| तुर्किए को F-35 फाइटर जेट देने पर ट्रंप का 'यू-टर्न', कैसे भारत के लिए है बड़ी मुश्किल
अगर ट्रंप का यह F-35 वाला फैसला हकीकत में बदलता है, तो इससे न सिर्फ पश्चिम एशिया का सुरक्षा ढांचा बदलेगा बल्कि इजरायल की फौजी बढ़त भी कमजोर होगी. ये भारत के लिए भी नई मुश्किलें खड़ी करेगा.
-
ज्यादा ब्लीडिंग, हाई ब्लड प्रेशर... बीकानेर के PBM अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की मौत की क्या वजह? Part-3
डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत और उनकी सेहत को लेकर NDTV की पड़ताल में बीकानेर के PBM अस्पताल में अलग पैटर्न सामने आए हैं.
-
अमरनाथ का शिवलिंग कुछ ही दिनों में क्यों पिघल गया? वैज्ञानिकों ने बता दी वजह
Amarnath Shivling Melt: अमरनाथ का शिवलिंग यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों में पिघल गया, जिससे भक्तों में निराशा भी देखने को मिली. पर्यावरणविदों ने शिवलिंग के पिघलने के कारणों को बताया है, आप भी जान लें.
-
'सतलुज' की रियल कहानी: जसवंत सिंह खालड़ा केस और एक पत्नी की दशकों लंबी लड़ाई
दिलजीत दोसांझ की सतलुज फिल्म से जुड़े विवाद ने एक बार फिर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा और उनकी पत्नी की दशकों लंबी लड़ाई की याद दिला दी... कैसे पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण किया और फिर वे कभी नहीं दिखे.
-
Opinion: भारत-नेपाल कभी एक दूसरे के विरोधी नहीं रहे... अब सोचना चाहिए आखिर गलती कहां हो रही थी
पोखरा और भैरहवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की माली हालत गवाह है कि भारत के सहयोग के बिना नेपाल के बड़े पूंजी निवेश अधूरे रहेंगे. इस मामले में नई दिल्ली को और अधिक उदारता और लचीलापन दिखाने की जरूरत है.
-
Opinion: मामूली कार्यकर्ता से CM की कुर्सी तक...20 साल के उतार-चढ़ाव के बाद क्यों सियासी 'मायके' लौटे रेवंत रेड्डी
रेवंत विरोधियों और पत्रकारों पर उनके तीखे हमले हमेशा चर्चा में रहते हैं. लेकिन आने वाले दिन उनके लिए मुश्किल भरे होंगे.
-
Opinion: सिंधु जल संधि को लेकर मुनीर-शहबाज बेचैन, पाकिस्तान को मान लेना चाहिए कि दाल अब गलने वाली नहीं
पाकिस्तान के गुस्से और बौखलाहट से भारत पर कोई असर नहीं पड़ा है और न ही संधि पर अपने स्टैंड पर दोबारा सोचा है. अगर इस्लामाबाद पानी पाने के लिए धमकी देने की कोशिश कर रहा है, तो वह पहले ही फेल हो चुका है.
-
AI का सटीक लेखन क्यों उतना सटीक नहीं? सबमें एक जैसा असर, सब एक से आते नजर
दरअसल AI लेखन खराब नहीं है, बल्कि यह जरूरत से ज्यादा परफेक्ट है. AI लेखन सपाट है, कोई फंबल नहीं, इसमें कोई अहसास नहीं. जब कोई शख्स खुद से सोच विचार कर लिखता है तो अपनी तमाम कमियों खूबियों के साथ ये मानवीय बन जाता है.