UPSC interview questions : भारतीय संस्कृति और धर्म में भगवान शिव को कई नामों से जाना जाता है. जिनमें शंकर, महादेव, भोलेनाथ और पशुपति जैसे नाम शामिल हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शंकर जी को पशुपतिनाथ क्यों कहा जाता है? ये सवाल केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछा जा सकता है. खासकर UPSC जैसी परीक्षाओं में. जिसमें अक्सर कंटेस्टेंट की हाजिर जवाबी जानने के लिए इस तरह के सवाल पूछ भी लिए जाते हैं. हाल ही में UPSC तैयारी से जुड़े एक इंस्टाग्राम वीडियो में ये सवाल पूछा गया. लेकिन उम्मीदवार सही उत्तर नहीं दे पाया. आप भी अगर ऐसा सवाल सुनकर हड़बड़ा जाते हैं तो उससे पहले ही इसका सही जवाब जान लीजिए.
पशुपतिनाथ शब्द का अर्थ
‘पशुपति' दो शब्दों से मिलकर बना माना जाता है. ये शब्द हैं पशु और पति. यहां पशु का अर्थ केवल जानवर नहीं, बल्कि सभी जीव, यहां तक कि मनुष्य भी हैं. पति का मतलब स्वामी या रक्षक. इस तरह पशुपति का अर्थ हुआ कि सभी जीवों के स्वामी और संरक्षक. इसी कारण भगवान शिव को पशुपतिनाथ कहा जाता है.
शैव दर्शन में पशुपति
शैव दर्शन के अनुसार संसार में तीन तत्व माने गए हैं,पशु (जीवात्मा), पाश (बंधन) और पति (ईश्वर). यहां पति यानी शिव, जो जीवों को अज्ञान और बंधनों से मुक्त करते हैं. इसलिए शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि मोक्ष देने वाले देवता भी माने जाते हैं.
पशुओं से शिव का गहरा संबंधशिव का वाहन नंदी बैल है और उन्हें पशुओं का रक्षक माना जाता है. वो जंगलों, पर्वतों और प्रकृति को जीवन देने वाले देवता माने जाते हैं. यही कारण है कि आदिवासी और ग्रामीण परंपराओं में भी शिव की विशेष पूजा होती है.
नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर शिव को इसी रूप में समर्पित है. ये दर्शाता है कि शिव संपूर्ण सृष्टि के स्वामी हैं. केवल मानव समाज के नहीं.
UPSC में पूछा जाए तो क्या जवाब दें?अगर UPSC में प्रश्न आए शिव को पशुपतिनाथ क्यों कहा जाता है?
तो उत्तर में बता सकते हैं कि शैव दर्शन के अनुसार शिव ‘धरती पर मौजूद सभी जीव जंतुओं के संरक्षक हैं. जिसमें इंसान भी शामिल हैं. इसलिए उन्हें पशुपति कहा जाता है. साथ ही वो सांसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष भी देते हैं. इसलिए नाथ कहलाते हैं.
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