IIT दिल्ली के बाद IIT बॉम्बे के एक छात्र ने खुदकुशी कर ली. 20 साल के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद एक प्रोफेसर की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, जिनका नाम सूर्यनारायण दूल्ला है. मिड सेमेस्टर एग्जाम के दौरान छात्र साहिल को मोबाइल फोन में एआई का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, उन पर आरोप था कि वो चैट जीपीटी से एग्जाम दे रहे थे. इस दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर प्रोफेसर दूल्ला ने उन्हें पकड़ा था और इसकी जानकारी संस्थान के बाकी अधिकारियों को दी थी. ऐसे में छात्र की खुदकुशी के बाद प्रोफेसर दूल्ला सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, आइए जानते हैं कि वो कौन हैं और उनका करियर कैसा रहा.
कौन हैं प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला?
प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला IIT बॉम्बे के 'ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग' (DESE) में प्रोफेसर हैं और एक दशक से भी ज्यादा समय से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. रिन्यूएबल एनर्जी से लेकर पावर सिस्टम, स्मार्ट ग्रिड और एनर्जी एफिशिएंसी में वो महारथ रखते हैं. प्रोफेसर दूल्ला ने साल 2000 में नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया था. इसके बाद 2002 में उन्होंने IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स इंजीनियरिंग में M.Tech और फिर 2007 में IIT दिल्ली से पावर सिस्टम में अपनी पीएचडी पूरी की.
IIT बॉम्बे से पहले यहां करते थे काम
प्रोफेसर दूल्ला ने IIT बॉम्बे में नौकरी करने से पहले बेंगलुरु में पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स में काम किया. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में 'मशीन 2 मशीन' के साथ काम किया था. बाद में उन्हें आईआईटी बॉम्बे में बतौर प्रोफेसर नौकरी मिली.
क्या है साहिल वाकोडे का मामला?
18 सितंबर को IIT बॉम्बे में 20 साल के छात्र साहिल वाकोडे ने सुसाइड कर लिया. इससे ठीक पहले एक एग्जाम के दौरान साहिल से फोन बरामद हुआ और आरोप लगाया गया कि उसने चैट जीपीटी पर सवाल अपलोड किए थे. इस दौरान बतौर इनविजिलेटर प्रोफेसर दूल्ला ने इसकी शिकायत की, लेकिन अब उनका नाम एफआईआर में जोड़ा गया है. छात्र के परिवार ने मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच में जुट गई है.
प्रोफेसर को किया गया सस्पेंड
साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और अपनी तमाम मांगें रखीं. इन मांगों में प्रोफेसर दूल्ला को सस्पेंड करने की बात भी शामिल थी. छात्रों के प्रदर्शन के बीच आईआईटी के डायरेक्टर ने छात्रों से मुलाकात की और उनकी सभी मांगों को मानने पर राजी हो गए. 20 सितंबर की शाम को आईआईटी बॉम्बे ने प्रोफेसर दूल्ला को सस्पेंड कर दिया गया.
शानदार रहा है प्रोफेसर का रिकॉर्ड
भले ही आईआईटी बॉ़म्बे ने प्रोफेसर दूल्ला को सस्पेंड कर दिया हो, लेकिन उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. उन्होंने हॉस्टल वार्डन से लेकर स्टूडेंट्स अफेयर्स के डीन के तौर पर अपनी सेवाएं दीं. साथ ही जेईई एडवांस्ड से लेकर देश की तमाम बड़ी परीक्षाओं में भी उनका अहम रोल रहा. उन्हें पिछले कुछ सालों के करियर में कई बड़े सम्मान भी मिले हैं. आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने उनके सस्पेंशन का विरोध किया है. उनका कहना है कि प्रोफेसर ने वही किया जो एक इनविजिलेटर का काम होता है.
ये भी पढ़ें - UGC ने बदला नियम, अब MPT और MOT की डिग्री सिर्फ नाम की नहीं, स्पेशलाइजेशन के साथ मिलेगी