मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गाड़ियों की रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लोगों को जमकर फटकार लगाने वाली IPS अधिकारी अनु बेनीवाल का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है. एक साधारण से परिवार से आनेवाली अनु बेनीवाल ने दिन रात पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा किया और आज ईमानदारी से देश को अपनी सेवाएं दे रही हैं. दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में जन्मीं अनु बेनीवाल के पिता, संजय कुमार बटन बनाने की एक छोटी सी यूनिट चलाते थे. हालांकि बीमारी के कारण उनके पिता को ये काम बंद करना पड़ा. जिसके साथ ही उनके परिवार में आर्थिक तंगी का दौर शुरू हो गया. परिवार को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए उनकी मां ने घर पर ही सूट सिलने का काम शुरू कर दिया.
UPSC के पहले प्रयास में हुई थी फेल
अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. अनु पढ़ाई में तेज थी. 12वीं पास करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया. बीएससी की डिग्री हासिल की और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. साल 2018 में अनु ने पहली बार सिविल सेवा परीक्षा दी. लेकिन पहले ही चरण में फेल हो गई. दूसरे प्रयास में, वह मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, लेकिन मेरिट लिस्ट में जगह बनाने से चूक गई.
तीसरे प्रयास में अनु ने 638 का ऑल इंडिया रैंक हासिल की. उन्होंने 2022 में चौथी कोशिश. इस बार ऑल इंडिया रैंक 217 हासिल की. जिसके था ही उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस के लिए होगा. मध्य प्रदेश कैडर उनके दिया गया और बेहद ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रही हैं.
हाल ही में वीडियो हुआ था वायरल
IPS अनु बेनीवाल इस समय जबलपुर एएसपी पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. इससे पहले वो ग्वालियर जिले में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के पद पर अपनी सेवा दे रही थी. हाल ही में उनका तबादला हुआ है. कुछ महीने पहले ही उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो एक रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों लोगों की क्लास लगा रही थी. ग्वालियर के शीतला शाह चौराहे पर एक ब्लैक फ्रेम चढ़ी हुई कार को रोककर चालान का चालान काटते हुए उन्होंने कहा था, 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा'.