EVM Source Code: क्या होता है EVM का सोर्स कोड? जिसे लेकर संसद में मनीष तिवारी ने पूछा सवाल

EVM Source Code: लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने ईवीएम को लेकर सवाल उठा दिए, उन्होंने कहा कि सरकार को ये बताना चाहिए कि ईवीएम के सोर्स कोड किसके पास हैं.

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EVM Source Code: ईवीएम के सोर्स कोड को लेकर बहस

EVM Source Code: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कई सवाल उठाए. उन्होंने चुनाव आयोग से लेकर ईवीएम तक का जिक्र किया. इस दौरान मनीष तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी की सरकार ने देश में सबसे बड़ा चुनाव सुधार का काम किया था. साथ ही उन्होंने ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाते हुए इसके सोर्स कोड के बारे में जानकारी मांगी. उन्होंने कहा कि ईवीएम का सोर्स कोड किसके पास है, इसकी जानकारी अब तक किसी के पास नहीं है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ईवीएम का सोर्स कोड क्या होता है और ये इतना जरूरी क्यों है?

क्या बोले मनीष तिवारी?

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कहा, "मैंने सदन में सवाल पूछा था कि ईवीएम का सोर्स कोड किसके पास है?  क्या है उन कंपनियों के पास है, जो ईवीएम बनाती हैं? या ये सोर्स कोड चुनाव आयोग के पास है. आज तक मुझे इस सवाल का जवाब नहीं मिला. सरकार को चुनाव आयोग से पूछकर ये बात हम लोगों को बतानी चाहिए कि क्या उसका सोर्स कोर्ड उनके पास है या उन कंपनियों के पास है, जो इन मशीनों को बनाती है."

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क्या होता है सोर्स कोड?

सोर्स कोड एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है, इसमें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में वो सब कुछ लिखा होता है जो किसी डिवाइस या मशीन को चलाने के लिए जरूरी है. यानी किसी सॉफ्टवेयर में छोटे से बदलाव के लिए भी इसका सोर्स कोड पता होना जरूरी है.  सोर्स कोड मिलने के बाद मशीन या डिवाइस में आसानी से बदलाव किया जा सकता है, यानी टेंपरिंग हो सकती है. इसीलिए फाइटर जेट और हथियार बनाने वाली कंपनियां अक्सर सोर्स कोड किसी भी देश के साथ साझा नहीं करती हैं. आसान भाषा में कहें तो सोर्स कोड एक चाबी की तरह है, जिससे सॉफ्टवेयर का ताला खोला जा सकता है. 

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ईवीएम का सोर्स कोड बेहद सेंसिटिव

भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में पिछले कई सालों से ईवीएम के जरिए चुनाव होते हैं, इसी से वोटों की गिनती भी होती है. ऐसे में इसका सोर्स कोड काफी अहम हो जाता है. ईवीएम का सोर्स कोड अगर किसी डेवलेपर के हाथ लग जाए तो वो इसमें कई तरह के बदलाव और गड़बड़ी कर सकता है. यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट तक ये कह चुका है कि ईवीएम के सोर्स कोड कभी भी बाहर नहीं आने चाहिए, ऐसा होने से उनका दुरुपयोग हो सकता है.

हालांकि विपक्षी दल ये पूछ रहे हैं कि ईवीएम का सोर्स कोड आखिर किसके पास है? चुनाव आयोग ने इसे अपने पास रखा है या फिर इसे बनाने वाली कंपनियों के पास ही ये मौजूद है... फिलहाल सरकार की तरफ से इसे लेकर कुछ भी साफ नहीं किया गया है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) ईवीएम बनाने का काम करती हैं. 

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