What is the process to get a new marksheet : कई बार घर बदलते समय, पुराने कागजों की सफाई में या किसी और वजह से 10वीं या 12वीं की मार्कशीट खो जाती है. तब सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब क्या किया जाए. अच्छी बात यह है कि अगर मार्कशीट खो भी जाए तो उसे दोबारा बनवाया जा सकता है. बोर्ड ने इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम भी शुरू किया है, जिससे छात्र घर बैठे आवेदन कर सकते हैं.
पहले चैक करें डिजिटल कॉपी मिल सकती है या नहीं
अगर आपने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से पढ़ाई की है तो सबसे पहले DigiLocker चेक करें. यहां कई सालों की डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध रहती है. इसमें लॉगिन करके आप अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसका प्रिंट भी इस्तेमाल कर सकते हैं. कई संस्थान अब डिजीलॉकर की मार्कशीट को वैलिड डॉक्यूमेंट के तौर पर स्वीकार भी करते हैं.
अगर ओरिजिनल मार्कशीट चाहिए तो क्या करें
अगर आपको हार्ड कॉपी यानी असली मार्कशीट चाहिए तो संबंधित बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए आवेदन करना होता है. CBSE के छात्रों के लिए इसके लिए “Duplicate Academic Document System (DADS)” नाम का ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है. इस पोर्टल के जरिए 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, पास सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट दोबारा जारी कराए जा सकते हैं.
आवेदन का प्रोसेस
डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए सामान्य तौर पर यह प्रोसेस होता है -
स्टेप 1 : बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या DADS पोर्टल पर जाएं.
स्टेप 2 : अपनी क्लास, रोल नंबर, पासिंग ईयर और अन्य जरूरी जानकारी भरें.
स्टेप 3 : पहचान से जुड़े डॉक्युमेंट्स और जरूरी कागज अपलोड करें.
स्टेप 4 : निर्धारित फीस ऑनलाइन जमा करें.
स्टेप 5 : आवेदन सबमिट करने के बाद उसकी रसीद और ट्रैकिंग नंबर सुरक्षित रखें.
इसके बाद बोर्ड दस्तावेज की जांच करता है और डुप्लीकेट मार्कशीट जारी करता है.
कितनी लगती है फीस
फीस इस बात पर निर्भर करती है कि आपने परीक्षा कितने साल पहले पास की थी. उदाहरण के तौर पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में पास होने के 5 साल तक डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए करीब 250 रुपये, 5 से 10 साल के बीच करीब 500 रुपये, जबकि 10 से 20 साल के बीच आवेदन करने पर लगभग 1000 रुपये तक फीस लग सकती है. आवेदन जमा होने के बाद आम तौर पर करीब 15 से 20 वर्किंग डेज में डुप्लीकेट मार्कशीट जारी हो जाती है. कई मामलों में इसे डाक के जरिए घर भेज दिया जाता है, जबकि कुछ मामलों में संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से भी लेना पड़ सकता है.
दूसरे बोर्ड के छात्रों को क्या करना होगा
अगर आपने किसी दूसरे बोर्ड से पढ़ाई की है, जैसे काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (ICSE) या किसी राज्य के बोर्ड से, तो भी डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाई जा सकती है. ज्यादातर मामलों में छात्र अपने पुराने स्कूल के जरिए या बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं. जैसे महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एज्युकेशन, माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद जैसे राज्य बोर्ड भी निर्धारित फीस लेकर डुप्लीकेट मार्कशीट जारी करते हैं. कई बोर्डों ने यह प्रोसेस अब ऑनलाइन भी शुरू कर दिया है. जहां यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, वहां आम तौर पर छात्र को आवेदन पत्र और जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करके बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय या अपने स्कूल के माध्यम से आवेदन करना पड़ता है.
एजेंटों से सावधान रहें
बोर्ड ने कई बार चेतावनी भी दी है कि डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाने के नाम पर कुछ फर्जी एजेंट लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं. ऐसे मामलों से बचने के लिए हमेशा बोर्ड के ऑफिसियल पोर्टल से ही आवेदन करना चाहिए. दसवीं और बारहवीं की मार्कशीट एक बेहद अहम डॉक्यूमेंट है. बेहतर होगा कि इसे जिम्मेदारी के साथ संभालकर रखें, क्योंकि ये अक्सर कई जगहों पर मांगा जाता है. लेकिन अगर मार्कशीट खो गई है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है. सही प्रोसेस अपनाकर कुछ ही दिनों में उसकी नई कॉपी हासिल की जा सकती है.