राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का आयोजन हर साल किया जाता है और इस परीक्षा के जरिए ही मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलता है. NEET परीक्षा में दो प्रकार के कटऑफ होते हैं. एक क्वालीफाइंग कटऑफ और दूसरी एडमिशन कटऑफ. परीक्षा पास करने के लिए जो अंक रखे गए हैं, वो क्वालीफाइंग कटऑफ होते हैं. दरअसल NEET पास करने के लिए न्यूनतम पर्सेंटाइल हासिल करने होते हैं. ये पर्सेंटाइल हासिल करने पर ही आप NEET क्वालीफायर माने जाते हैं. हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि आपको सरकारी कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा. सरकारी कॉलेज में एडमिशन, कॉलेजों की और से निकाली गई अपनी-अपनी कटऑफ के आधार पर होता है. जिसे एडमिशन कटऑफ कहा जाता है.
साल 2026 के लिए अनुमानित क्वालीफाइंग कितना हो सकता है
- सामान्य वर्ग के लिए 50वां पर्सेंटाइल (138 – 165)
- OBC/SC/ST: 40वां पर्सेंटाइल (108 – 137)
- PwD (सामान्य): 45वां पर्सेंटाइल (122 – 137)
जो उम्मीदवार क्वालीफाई पर्सेंटाइल हासिल नहीं कर पाते हैं, उन्हें फेल माना जाता है.
एडमिशन कटऑफ
अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसे AIIMS में प्रवेश पाने के लिए 600 से अधिक अंक की आवश्यकता होती है. वहीं कुछ राज्य के सरकारी कॉलेजों में 500–550 अंक आने पर भी दाखिला मिल जाता है.
ये एग्जाम पेन और पेपर (Offline) मोड में होता है. एग्जाम में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के कुल 180 प्रश्न के जवाब देने होते हैं. पेपर कुल 720 नंबर का होता है. सही आंसप पर 4 अंक मिलते हैं और गलत पर -1 की निगेटिव मार्किंग होती है.
कौन कर सकता है आवेदन
11वीं और 12वीं कक्षा में Physics (भौतिक विज्ञान), Chemistry (रसायन विज्ञान) और Biology (जीव विज्ञान) में पढ़ाई करने वाले बच्चे ही इस एग्जाम के लिए आवेदन कर सकते हैं . 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक आना जरूरी होता है.