Vaishno Devi Medical College : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित 'श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस' (SMVDIME) एक बार फिर सुर्खियों में है. कॉलेज प्रशासन ने साल 2026-27 के सत्र के लिए MBBS कोर्स शुरू करने की नई अर्जी नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को दी है. इसके लिए करीब 10 लाख रुपये की फीस भी जमा कर दी गई है.
क्या था पूरा विवाद?आपको बता दें कि इसी साल 7 जनवरी को इस कॉलेज में एक बड़ा हंगामा हुआ था. NMC ने अचानक कॉलेज को मिली मान्यता (LoP) वापस ले ली थी, जिसके बाद वहां पढ़ रहे छात्रों को अपना सामान बांधकर घर लौटना पड़ा था.
दरअसल, कॉलेज के पहले बैच के 50 छात्रों में से 44 मुस्लिम थे. 'श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति' (जिसमें कई दक्षिणपंथी संगठन शामिल थे) ने इस पर विरोध जताया था. उनका तर्क था कि यह संस्थान भक्तों के चढ़ावे से बना है, इसलिए कश्मीर से आए छात्रों को कहीं और शिफ्ट किया जाए. हालांकि, उस समय NMC ने कहा था कि मान्यता रद्द करने की वजह सुविधाओं की कमी और कम डॉक्टर हैं, न कि कोई विरोध प्रदर्शन.
इस बार क्या है नया प्लान?कॉलेज प्रशासन इस बार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता. अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कमियों को दूर कर लिया है. सबसे बड़ी खबर यह है कि पास ही स्थित नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल अब इस मेडिकल कॉलेज का हिस्सा बनने जा रहा है.
1 अप्रैल से इस अस्पताल का मैनेजमेंट सीधे मेडिकल इंस्टीट्यूट के हाथ में आ जाएगा. इससे होगा यह कि कॉलेज के पास डॉक्टरों की फौज और इलाज की आधुनिक मशीनें बढ़ जाएंगी. जब अप्रैल-मई में NMC की टीम दोबारा इंसपेक्शन करने आएगी, तो कॉलेज अपनी पूरी तैयारी दिखा पाएगा.
पुराने छात्रों का क्या हुआ?
जिन 50 छात्रों की पढ़ाई बीच में अटक गई थी, उन्हें सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग 7 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडजस्ट कर दिया है. इनमें से 22 छात्र कश्मीर के कॉलेजों में गए हैं और बाकी जम्मू के कॉलेजों में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं.