UPSC CAPF Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक UPSC CAPF के पहले ही अटेम्प्ट में सफलता पाने वाली सिमरन बाला अपने जिले ही नहीं पूरे देश का नाम रोशन कर रही हैं. 26 जनवरी 2026 को जब भारत अपना 76वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, तब कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड में सिमरन इतिहास रचेंगी. वह पहली महिला अधिकारी बनेंगी जो 140 से ज्यादा पुरुष जवानों की टुकड़ी की कमान संभालेंगी. जब सिमरन बाला कर्तव्य पथ पर कदम रखेंगी, तो ये सिर्फ परेड नहीं, बल्कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए इंस्पायर करने वाला मोमेंट होगा.
UPSC CAPF की तैयारी ने बनाया रोल मॉडल
सिमरन बाला ने UPSC CAPF परीक्षा 2023 में पहले ही अटेम्प्ट में ही सफलता हासिल की. उन्होंने 82वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की. उस साल जम्मू-कश्मीर से सेलेक्ट होने वाली इकलौती महिला कैंडिडेट रहीं. यह उपलब्धि सिर्फ सिमरन की नहीं, बल्कि उन लाखों लड़कियों की भी है, जो वर्दी पहनने का सपना देखती हैं लेकिन रास्ते की मुश्किलों से डर जाती हैं.
LoC के पास पली-बढ़ीं, इतिहास रचने निकलीं
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा इलाके से आती हैं, जो लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के बेहद करीब है. सीमा क्षेत्र में पले-बढ़े बच्चों के लिए अनुशासन और देशसेवा आम बात होती है, लेकिन कर्तव्य पथ पर परेड लीड करना कभी कल्पना का हिस्सा नहीं था. खास बात यह है कि सिमरन अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं. ऐसे क्षेत्र से आकर यह मुकाम हासिल करना इस उपलब्धि को और खास बना देता है.
रिहर्सल में दिखा दम, मिली परेड की कमान
CRPF की ऑल-मेल टुकड़ी की कमान सिमरन को यूं ही नहीं मिली. गणतंत्र दिवस परेड की कड़ी रिहर्सल के दौरान उनका कॉन्फिडेंस, ड्रिल परफेक्शन और कमांडिंग प्रेजेंस सीनियर अधिकारियों को खासा प्रभावित कर गया. इसके बाद उन्हें 26 जनवरी को CRPF कंटिंजेंट लीड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. यह फैसला साफ दिखाता है कि अब परंपराएं बदल रही हैं और लीडरशिप सिर्फ काबिलियत से तय हो रहा है.
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