UPSC CSE Result: UPSC रिजर्व लिस्ट क्या होती है? इसमें शामिल उम्मीदवारों का क्या होता है

UPSC CSE Result: UPSC सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल रिजल्ट के साथ आयोग एक रिजर्व लिस्ट भी तैयार करता है. इसमें वो उम्मीदवार होते हैं जो मुख्य मेरिट लिस्ट में शामिल होने से थोड़े से पीछे रह जाते हैं.

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UPSC CSE Result

UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है. इसके जरिए IAS, IPS, IFS और कई अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए भर्ती की जाती है. इस साल भी यूपीएससी का रिजल्ट जारी हो चुका है. शुक्रवार को जारी हुए नतीजे में अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है. इस साल करीब 1087 पदों के लिए ये परीक्षा हुई. जिसमें 958 कैंडिडेट सफल हुए. इसके अलावा 258 कैंडिडेट्स को आयोग ने रिजर्वल लिस्ट में रखा है. कई उम्मीदवारों के मन में सवाल होता है कि अगर उनका नाम इस रिजर्व लिस्ट में आता है तो आगे क्या होता है. क्या उन्हें नौकरी मिलती है या नहीं? चलिए जानते हैं UPSC रिजर्व लिस्ट क्या है और इसमें शामिल उम्मीदवारों का भविष्य कैसे तय होता है.

UPSC रिजर्व लिस्ट क्या होती है?

UPSC रिजर्व लिस्ट एक अतिरिक्त या सप्लीमेंट्री लिस्ट होती है. जिसे आयोग मेरिट लिस्ट के साथ तैयार करता है. ये सूची सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन रूल्स 2024 के नियम 20(4) और 20(5) के तहत बनाई जाती है. इसमें वो उम्मीदवार शामिल होते हैं जिनके मार्क्स मुख्य सूची में शामिल अंतिम उम्मीदवार से थोड़े कम होते हैं. यानी ये उम्मीदवार चयन के बहुत करीब होते हैं. जरूरत पड़ने पर इसी सूची से उम्मीदवारों को आगे सिलेक्ट किया जाता है.

रिजर्व लिस्ट क्यों बनाई जाती है?

UPSC रिजर्व लिस्ट बनाए जाने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं.

1. कैटेगरी बदलने की स्थिति

कई बार कोई उम्मीदवार जनरल कैटेगरी से परीक्षा देता है, लेकिन बाद में वो अपनी रिजर्व कैटेगरी का लाभ लेना चाहता है. ऐसी स्थिति में सामान्य श्रेणी की एक सीट खाली हो सकती है. इस खाली सीट को भरने के लिए रिजर्व लिस्ट का इस्तेमाल किया जाता है.

2. सभी रिक्त पदों को भरना

कभी कभी ऐसा होता है कि वैकेंसी की तुलना में कम उम्मीदवार सिलेक्ट होते हैं. ऐसे में बची हुई सीटों को भरने के लिए UPSC रिजर्व लिस्ट से उम्मीदवारों को मौका देता है.

रिजर्व लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों का क्या होता है?

अगर किसी उम्मीदवार का नाम रिजर्व लिस्ट में आता है तो इसका मतलब है कि वो सेलेक्शन के बहुत करीब है. यदि मुख्य सूची से कोई सीट खाली होती है. तो रिजर्व लिस्ट के उम्मीदवारों को मौका मिल सकता है. हालांकि हर बार रिजर्व लिस्ट के सभी उम्मीदवारों को नियुक्ति मिलना जरूरी नहीं होता. पर वो प्रायोरिटी पर रखे जाते हैं. इसलिए रिजर्व लिस्ट को UPSC की सिलेक्शन प्रोसेस का एक महत्वपूर्ण बैकअप सिस्टम माना जाता है.

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