प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सरकार ने लगाया फुल-स्टॉप, महंगी किताब-यूनिफार्म की टेंशन खत्म, नियम हुए सख्त

Action on Schools : पैरेंट्स की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राज्य सरकारों ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. अब वह किसी छात्र या पैरेंट्स को पुस्तकें-यूनिफॉर्म किसी खास दुकान से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं.

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हरियाणा सरकार ने भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नकेल कस दी है.
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School Guidelines 2026: नए शैक्षणिक साल 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देशभर में स्कूलों को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. बढ़ती फीस, महंगी किताबें और यूनिफॉर्म की वजह से परेशान पेरेंट्स की आवाज अब असर दिखाने लगी है. इसी के चलते उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारें अब सख्त कदम उठा रही हैं और स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की तैयारी में हैं. काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल बच्चों के लिए जरूरी सामान सिर्फ तय दुकानों से ही खरीदने का दबाव बनाते हैं, जिससे लोगों पर एक्स्ट्रा खर्च का बोझ पड़ता है. अब इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने साफ और आसान नियम लागू करने शुरू कर दिए हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और बेवजह खर्च से बचाया जा सके.

यूपी में बड़ी कार्रवाई 

उत्तर प्रदेश में भी इस मुद्दे को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है. राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को चेताया कि वो किसी छात्र या पैरेंट्स को पुस्तकें-यूनिफॉर्म किसी खास दुकान से खरीदने के लिए मजबूर न करें. इसके अलावा सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस और पढ़ाई में इस्तेमाल होने वाली किताबों की पूरी जानकारी साफ-साफ दिखानी होगी. शिक्षा विभाग ने कहा कि अगर स्कूलों की ओर से नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली में DoE का सख्त आदेश

शिक्षा निदेशालय (DoE) ने भी कहा कि प्राइवेट स्कूल छात्रों और पैरेंट्स को किसी खास वेंडर से किताबें, यूनिफॉर्म या दूसरे सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं. स्कूलों को ये भी निर्देश दिया गया है कि वे क्लास वाइज किताबों की लिस्ट, यूनिफॉर्म की जानकारी और कम से कम पांच ऑथोराइज वेंडर्स की डिटेल्स वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर पब्लिक करें. नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

हरियाणा में भी सख्ती, बैग का वजन तय

हरियाणा सरकार ने भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर नकेल कस दी है. शिक्षा विभाग ने कहा कि कोई भी स्कूल पैरेंट्स पर किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बना सकता. इसके साथ ही छोटे बच्चों के लिए बस्ते का वजन भी तय किया गया है. पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा 1.5 किलोग्राम वजन तय किया गया है, ताकि बच्चों पर बोझ कम हो.

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पैरेंट्स को मिली पूरी आजादी

सरकारों ने साफ किया है कि पैरेंट्स अपनी पसंद के किसी भी वेंडर से किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकते हैं. हालांकि, वो तय सिलेबस और स्टैंडर्ड्स के अनुसार होनी चाहिए. राज्यों की ओर से उठाए गए इन कदमों से पैरेंट्स को राहत मिलने की उम्मीद है. सरकारों का साफ संदेश है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की जबरन वसूली या कमर्शियलाइजेशन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

शिकायत कहां करें?

  • अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो पैरेंट्स संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं - 
  • दिल्ली में: हेल्पलाइन 9818154069 और ईमेल ddeact1@gmail.com
  • हरियाणा में: हेल्पलाइन 0172-5049801

इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) या क्षेत्रीय अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है.

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