भारत में होगी ब्रिटेन की पढ़ाई, UK की ये बड़ी यूनिवर्सिटीज खोलने जा रहीं कैंपस

UK Universities: ब्रिटेन में पढ़ने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है, अब यूके की बड़ी यूनिवर्सिटी भारत में ही अपने कैंपस खोलने जा रही हैं. यहां वर्ल्ड क्लास पढ़ाई के साथ-साथ बड़ी यूनिवर्सिटीज की डिग्री भी मिलेगी.

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भारत में आ रही हैं विदेशी यूनिवर्सिटीज

UK Universities: ब्रिटेन ने भारत को अपने 'इंटरनेशनल शिक्षा चैंपियन' के लिए 5 सबसे महत्वपूर्ण देशों में शामिल किया है. यूके की सरकार भारत में ब्रिटिश शिक्षा का प्रचार और विस्तार करने की तैयारी में है. यानी भारत में ब्रिटेन की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज अपना कैंपस खोलने जा रही हैं. आने वाले कुछ सालों में भारत के कई बड़े शहरों में यूके की ये यूनिवर्सिटीज अपना कैंपस खोल सकती हैं. यूके ने एक खास तरीका अपनाते हुए दूसरे देशों को छात्रों को अपने यहां बुलाने की बजाय उन्हीं देशों में अपने कैंपस खोलने की योजना बनाई है. इसे ट्रांसनेशनल एजुकेशन (TNE) कहा जाता है. आइए जानते हैं कि किन शहरों में ये ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज अपने कैंपस खोलने जा रही हैं. 

इन शहरों में खुलेंगे कैंपस

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन (गुरुग्राम) के बाद अब लैंकेस्टर, सरे और लिवरपूल जैसी यूनिवर्सिटीज बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में अपने कैंपस खोलने की तैयारी में हैं. ब्रिटिश सरकार का मकसद 2030 तक शिक्षा निर्यात को सालाना 40 बिलियन पाउंड (लगभग ₹4.24 लाख करोड़) तक पहुंचाना है. इसी के तहत पांच देशों को चुना गया है, जिसमें भारत का नाम भी शामिल है. कुल मिलाकर यूके की 9 यूनिवर्सिटीज अपना कैंपस भारत में खोलने की तैयारी कर रही हैं. 

आर्थिक विकास के लिए उठाया कदम

यूके की शिक्षा सचिव ब्रिजेट फिलिप्सन ने इसे लेकर कहा कि यह रणनीति आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए है. विदेशों में शिक्षा व्यवस्था का विस्तार करने और इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएट करने से यूके की यूनिवर्सिटीज और कॉलेज अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं, साथ ही इससे लाखों युवाओं को उनके ही देश में विश्व स्तरीय ब्रिटिश शिक्षा मिल पाएगी. 

भारत में मिलेगी वर्ल्ड क्लास एजुकेशन

ब्रिटेन में पढ़ने का खर्च काफी ज्यादा है, आमतौर पर छात्रों को सालाना 15 से 30 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. वहीं भारत में ये खर्च कई गुना कम हो जाएगा. यानी कम पैसे में छात्र ब्रिटिश लेवल की एजुकेशन ले सकते हैं. भारत में खुलने वाली यूनिवर्सिटीज के लिए सख्त नियम भी बनाए जाएंगे, जो नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. साथ ही बताया गया है कि स्टूडेंट वीजा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. इन विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस में छात्र डिजिटल लर्निंग और एआई (AI) बेस्ड एजुकेशन से अपना फ्यूचर बना सकते हैं. 

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