NEET-UG 2026 की परीक्षा 21 जून को कंप्यूटर पर नहीं होगी, सुप्रीम कोर्ट ने CBT याचिका की खारिज

नीट-यूजी री-टेस्ट इस साल पेन-पेपर मोड से ही होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की याचिका खारिज की. जानिए NTA का अगला प्लान.

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सुप्रीम कोर्ट ने इस साल नीट-यूजी री-टेस्ट को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के जरिए कराने की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसका मतलब है कि परीक्षा पुराने पेन-पेपर मोड से ही होगी.

NEET-UG Re-Test : नीट-यूजी परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है. इस साल होने वाली नीट-यूजी की री-टेस्ट परीक्षा पुराने 'पेन-पेपर मोड' (ओएमआर शीट) से ही आयोजित की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें परीक्षा को तुरंत कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन कराने की मांग की गई थी.

अगले साल से बदल सकता है पैटर्न

हालांकि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कोर्ट में हलफनामा देकर साफ किया है कि वह अगले साल से नीट परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड मॉडल पर ले जाने की पूरी तैयारी कर रही है.

दिग्गजों ने दायर की थी याचिका

इस साल परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, आईएमए के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (Writ Petition) दायर की थी. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत सीबीटी फ्रेमवर्क लागू किया जाए.

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सरकार और कोर्ट सख्त, पीएम मोदी की नजर

नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट लगातार निगरानी रख रहा है. आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही कोर्ट ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय से पेपर लीक पर विस्तृत जवाब मांगा था. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा. 

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