लाख कोशिशों के बावजूद भी कई बच्चे पढ़ना ही नहीं चाहते हैं. उनका पढ़ाई करने में मन ही नहीं लगता है. यही वजह है कि वे कई बहाने बनाने लगते हैं. अगर आप भी बच्चों की ना पढ़ने की आदत से परेशान हैं, तो उन्हें पढ़ाने के लिए कुछ टिप्स ट्राई कर सकते हैं.
अगर बच्चे का पढ़ाई करने का मन ही नहीं करता, तो इन 5 तरीकों को अपनाकर देखें
'बस 10 मिनट पढ़ लो'
जब बच्चे का पढ़ने का बिल्कुल मन न करे, तो उसे ये कहें कि बस 10 मिनट ही पढ़ना है. अक्सर सबसे मुश्किल काम शुरुआत करना होता है. एक बार पढ़ाई शुरू हो जाए तो दिमाग धीरे-धीरे उसी काम में लगने लगता है और कई बार 10 मिनट की पढ़ाई आधे या एक घंटे तक पहुंच जाती है.
छोटे-छोटे टारगेट बनाएं
पूरा सिलेबस या एक साथ काफी सारा रिवीजन करवाने से बेहतर है उसे छोटे टारगेट बनाकर पढ़ाएं. जिससे बच्चे की पढ़ाई करते हुए बोरियत खत्म हो जाए. जैसे 5-10 मैथ्स के सवाल करवा दें, नोट्स तैयार करवाएं, किसी एक चैप्टर का रिवीजन करने को कहें.
पढ़ाई के सयम मोबाइल से दूरी
पढ़ाई का सबसे बड़ा दुश्मन मोबाइल फोन बन चुका है. हर कुछ मिनट में नोटिफिकेशन देखना दिमाग का फोकस तोड़ देता है. अगर पढ़ाई में ध्यान लगवाना है तो मोबाइल को साइलेंट या डू नॉट डिस्टर्ब मोड पर रख दें. सोशल मीडिया ऐप्स बंद कर दें. जरूरत हो तो फोन को दूसरे कमरे में रख दें.
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25-30 मिनट के बाद 5 मिनट का ब्रेक
लगातार पढ़ना बच्चों के बस की बात नहीं होती है. इसलिए 25 से 30 मिनट तक पढ़ाई करने के बाद 5 मिनट का छोटा ब्रेक दें. इस दौरान उसे थोड़ा टहलने, स्ट्रेचिंग करने या पानी पीने को कहें.
बच्चे को सरप्राइज दें
अगर बच्चा आपके कहने से पढ़ाई करता है तो उसे कुछ सरप्राइज दें जिससे उसका हौसला बढ़े. और अगली बार वो खुद पढ़ने को प्रोत्साहित हो.
पढ़ाई करवाने के लिए इन बातों को भी रखें याद
- रोज एक निश्चित समय पर पढ़ाई करवाएं
- 7-8 घंटे की अच्छी नींद जरूर दें
- पढ़ाई की जगह साफ, शांत और व्यवस्थित होनी चाहिए
- बच्चे की किसी दूसरे से तुलना ना करें
- हर दिन थोड़ा-थोड़ा रिवीजन जरूर करें