Seema Haidar news : पाकिस्तान से प्यार की खातिर सरहद लांघकर भारत आई सीमा हैदर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. दरअसल, सीमा हैदर ने छठी बार मां बनी हैं. उन्ंहोंने एक सुंदर से बेटे को जन्म दिया है. सचिन मीणा के घर में इस नन्हे मेहमान के आने से खुशियों का माहौल है, लेकिन इस खुशी के बीच एक बड़ा सवाल फिर से खड़ा हो गया है क्या सीमा और सचिन के इन बच्चों को आसानी से भारत की नागरिकता मिल पाएगी? आइए जानते हैं भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 क्या कहती है.
नागरिकता का कानून क्या कहता है?
भारत के नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, भारत में पैदा होने वाले हर बच्चे को जन्म के आधार पर नागरिकता तब तक नहीं मिल सकती जब तक उसके माता-पिता दोनों भारतीय न हों, या कम से कम एक भारतीय हो और दूसरा अवैध प्रवासी (Illegal Immigrant) न हो.
यहां पेंच यह है कि सीमा हैदर बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं. उनके खिलाफ कोर्ट में केस चल रहा है और अभी तक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली है. कानून के जानकारों का कहना है कि जब तक सीमा को कानूनी तौर पर 'अवैध प्रवासी' की कैटेगरी से बाहर नहीं किया जाता, तब तक उनके बच्चों की नागरिकता पर भी सवालिया निशान बना रहेगा.
सीमा हैदर के वकील एपी सिंह का दावा है कि सीमा ने अब पूरी तरह से हिंदू धर्म अपना लिया है और वे सचिन की पत्नी के रूप में भारत की बहू बन चुकी हैं. पिछली बार बेटी 'भारती' के जन्म के वक्त भी उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट जारी किया है, जो नागरिकता की दिशा में एक बड़ा कदम है. हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में नागरिकता का अंतिम फैसला गृह मंत्रालय और कोर्ट के आदेशों पर ही निर्भर करेगा.