Career Guide after 10th : 10वीं बोर्ड एग्जाम के बाद साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स किस स्ट्रीम से पढ़ाई करें ये स्टूडेंट्स के लिए बड़ा सवाल बन जाता है. यहां तक पेरेंट्स भी दुविधा में रहते हैं कि कौन से सब्जेक्ट्स से पढ़ाना बच्चे के करियर के लिहाज से बेस्ट होगी. ऐसे में आज हम आपकी ये कंफ्यूजन इस आर्टिकल के माध्यम से दूर करने की कोशिश करेंगे. यहां हम आपको बता रहे हैं कि किस स्ट्रीम को चुनने से आपके लिए बेहतर करियर ऑप्शन हो सकता है और उसे चुनने के पहले आपको किन प्वाइंट्स पर विचार करने की जरूरत है.
10वीं के बाद ये हैं ऑप्शन्स
1. साइंस स्ट्रीमसाइंस स्ट्रीम उन स्टूडेंट्स के लिए सही है, जिन्हें टेक्निकल चीजों में दिलचस्पी है. जो लैब एक्सपेरिमेंट पसंद करते हैं और नंबरों और फॉर्मूला को सॉल्व करने में मजा आता है. साइंस ग्रुप में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स जैसे सब्जेक्ट्स शामिल हैं. ये सब्जेक्ट रीजनिंग और ऑब्ज़र्वेशन स्किल्स को डेवलप करने में मदद करते हैं.
इस स्ट्रीम में करियर ऑप्शन में इंजीनियरिंग, मेडिकल, IT, रिसर्च, डेटा साइंस और बायोटेक्नोलॉजी शामिल हैं.
2. कॉमर्स स्ट्रीमकॉमर्स उन स्टूडेंट्स के लिए सही है जिनको मनी मैटर, मार्केट ट्रेंड्स ट्रेड और इकोनॉमिक्स कैसे काम करते हैं यह समझने में दिलचस्पी होती है. अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज और इकोनॉमिक्स जैसे सब्जेक्ट स्टूडेंट्स को बिज़नेस कैसे चलता है और बढ़ता है समझने में मदद करते हैं .
कॉमर्स में करियर ऑप्शन में चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS), बैंकिंग, फाइनेंस, मार्केटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट शामिल हैं.
3. आर्ट्स (ह्यूमैनिटीज) स्ट्रीमजो बच्चे क्रिएटिव फिल्ड में जाना चाहते उनके लिए आर्ट्स बेस्ट ऑप्शन है. जो छात्र हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, लिटरेचर और सोशियोलॉजी जैसे सब्जेक्ट्स को पसंद करते हैं उन्हें इस स्ट्रीम को चुनना चाहिए. इस स्ट्रीम में करियर ऑप्शन में जर्नलिज्म, सिविल सर्विसेज, लॉ, टीचिंग, साइकोलॉजी, डिजाइन और सोशल वर्क शामिल हैं.
10वीं के बाद स्ट्रीम कैसे चुनें
1. सबसे पहले, अपनी पसंद और स्ट्रेंथ को समझें. आपको उन विषयों को चुनना चाहिए जिनमें आप अच्छा परफॉर्म करते हैं और जिन्हें पढ़ने में आपको मजा आता है यानी जो आपको इंटरेस्टिंग लगते हैं.
2. स्ट्रीम चुनते वक्त उनमें करियर अपॉर्चुनिटी के बारे में अच्छे से रिसर्च करें.
3. करियर काउंसलर से बात करें. जो करियर काउंसलर आज के जॉब मार्केट को समझते हैं, वे हर स्ट्रीम को समझा सकते हैं, ताकत पहचान सकते हैं, और डिस्कशन और करियर असेसमेंट के बाद सही रास्ते सजेस्ट कर सकते हैं.
4. अपने पेरेंट्स और टीचर्स से सलाह लें. पेरेंट्स और टीचर्स ने सालों से एकेडमिक परफॉर्मेंस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्टाइल को देखा है. एक्सपर्ट सलाह के साथ उनका गाइडेंस, स्टूडेंट्स को सही ऑप्शन चुनने में मदद करते हैं.