Private job vs Sarkari Naukri : भारत में पढ़ाई खत्म होते ही रिश्तेदार, पड़ोसी और घरवाले पूछने लगते हैं, 'बेटा, किसी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हो या कहीं प्राइवेट में ही लग गए.' ग्रेजुएशन की डिग्री खत्म होते ही ज्यादातर स्टूडेंट्स के सामने ये सवाल आता है. देखा जाए तो गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों ही दुनिया बिल्कुल अलग हैं. एक तरफ देश में 1.76 करोड़ लोग सरकारी जॉब कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ करोड़ों लोग प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कर रहे हैं. ऐसे में अगर आप भी दोनों सेक्टर्स को लेकर कंफ्यूज हैं, तो यहां जानिए दोनों के फायदे और नुकसान.
सरकारी नौकरी: एक बार लग गई, तो लाइफ सेट है
1. नौकरी की गारंटी
सरकारी नौकरी का नाम सुनते ही सबसे पहले जॉब सिक्योरिटी दिमाग में आती है. यही कारण है कि हर साल करोड़ों युवा किसी न किसी सरकारी जॉब की तैयारी करते हैं. यहां मंदी (Recession) आए या बॉस का मूड खराब हो, आपकी नौकरी पर खतरा न के बराबर होता है. रिटायरमेंट तक आपकी सीट फिक्स्ड होती है.
2. फैमिली के लिए टाइम
सरकारी नौकरी की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां सुबह 10 से शाम 6 का फिक्स्ड टाइम होता है. संडे की छुट्टी पक्की है और त्यौहारों पर घर जाने की कोई टेंशन नहीं होती है. मतलब यहां असली वर्क-लाइफ बैलेंस देखने को मिलता है और फैमिली के लिए भी भरपूर टाइम मिलता है.
3. शानदार सुविधाएं
सरकारी नौकरी में सुकून और पैसा ही नहीं कई शानदार सुविधाएं भी मिलती हैं. यहां फैमिली के लिए फ्री मेडिकल, रहने को घर (क्वार्टर), पेंशन, अलाउंस जैसी फैसेलिटीज मिलती है. इसके अलावा सरकारी नौकरी करने वालों को समाज में खूब इज्जत मिलती है. इसका स्टेटस हाई रहता है.
सरकारी नौकरी के नुकसान
1. ग्रोथ बहुत धीमी होती है. प्रमोशन सालों बाद मिलता है, जल्दी आगे बढ़ना थोड़ा मुश्किल होता है.
2. सैलरी लिमिटेड होती है. जितना काम करेंगे, उतनी ही सैलरी तय होती हैं.
3. काम करने में प्रोसेस ज्यादा और स्पीड कम होती है.
प्राइवेट नौकरी: जितना दौड़ोगे, उतना पाओगे
1. सैलरी की कोई लिमिट नहीं
अगर आपको रफ्तार पसंद है और आप अपनी काबिलियत के दम पर दुनिया जीतना चाहते हैं, तो प्राइवेट जॉब आपके लिए है. यहां अगर आपमें टैलेंट है, तो आपकी सैलरी हर साल 20-30% या उससे भी ज्यादा बढ़ सकती है. बोनस और इंसेंटिव्स के दम पर आप बहुत जल्दी अमीर बन सकते हैं.
2. रॉकेट जैसी तरक्की
प्राइवेट में आपको प्रमोशन के लिए बूढ़ा होने की जरूरत नहीं होती है. 25 साल का लड़का भी अपनी मेहनत से मैनेजर बन सकता है और काफी आगे जा सकता है. इसमें प्रमोशन और ग्रोथ काफी तेजी से होती है.
3. सीखने का समंदर
प्राइवेट जॉब में हर दिन नई टेक्नोलॉजी, अलग-अलग प्रोजेक्ट, नई स्किल्स और नई चुनौतियों से पाला पड़ता है, जो आपको स्मार्ट और अपडेटेड रखता है. इससे आप आने वाली चुनौतियों से आसानी से डील करना सीखते हैं और आपके कनेक्शन भी बनते रहते हैं.
प्राइवेट नौकरी के नुकसान
1. जॉब रिस्क रहता है. कंपनी घाटे में गई तो नौकरी जा सकती है. आपको कंपनी कभी भी बाहर कर सकती है.
2. लंबे काम के घंटे होते हैं. ज्यादातर टाइम 10-12 घंटे काम करना पड़ता है. इससे वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ सकता है.
3. टारगेट, डेडलाइन, बॉस का प्रेशर सब साथ में आता है, जो कभी-कभी परेशानी बन जाता है.
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