रोबोट से लेकर मार्बल आर्ट तक, गुजरात का ये प्राइमरी स्कूल बना मिसाल

गुजरात ने शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत और लगातार बढ़ता हुआ बुनियादी ढांचा तैयार किया है. प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक, राज्य में सार्वजनिक निवेश और नीतिगत फोकस के चलते हजारों सरकारी और अनुदानित स्कूलों को उन्नत कक्षाओं, डिजिटल लर्निंग टूल्स, विज्ञान प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों से लैस किया गया है.

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'मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस' और 'समग्र शिक्षा अभियान' की नीतियों को जमीन पर उतार रहा है.

गुजरात के एक प्राइमरी स्कूल में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है. बल्कि उन्हें व्यावहारिक शिक्षा के जरिए भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है. इतना ही नहीं बच्चों को रोबोट बनाना, मार्बल आर्ट, मार्शल आर्ट भी सिखाई जा रही है. वडोदरा जिले के सावली तालुका स्थित वेमार प्राइमरी स्कूल में गुजरात सरकार की 'ज्ञान ही शक्ति है' पहल के तहत स्कूल में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. स्कूल में नियमित पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को विभिन्न सह-पाठ्यक्रम और कौशल-आधारित गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है. इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनकी छिपी प्रतिभाएं सामने आ रही हैं.

बच्चों को सिखाया जा रहा है काफी कुछ

यहां रोबोट निर्माण, हस्तशिल्प, मार्बल आर्ट, मार्शल आर्ट और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शुरू की गई हैं, जिन्हें लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. वेमार प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बच्चों के मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं. वे न केवल पढ़ाई पर ध्यान देते हैं, बल्कि बच्चों को प्रयोगात्मक सीख के लिए भी प्रेरित करते हैं. कक्षा में पढ़ाई और हाथों से सीखने के इस संतुलन ने प्राथमिक स्तर पर शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बना दिया है.

शिक्षकों का मानना है कि बच्चों के शुरुआती वर्ष उनके बौद्धिक विकास और जीवन कौशल को मजबूत करने के लिए बेहद अहम होते हैं. इसी सोच के साथ यह स्कूल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में लागू 'मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस' और 'समग्र शिक्षा अभियान' की नीतियों को जमीन पर उतार रहा है. अकादमिक पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर जोर देकर वेमार प्राइमरी स्कूल ने गुजरात के सरकारी स्कूल तंत्र में समग्र और व्यावहारिक शिक्षा का एक नया मानक स्थापित किया है.

गुजरात ने शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत और लगातार बढ़ता हुआ बुनियादी ढांचा तैयार किया है. प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक, राज्य में सार्वजनिक निवेश और नीतिगत फोकस के चलते हजारों सरकारी और अनुदानित स्कूलों को उन्नत कक्षाओं, डिजिटल लर्निंग टूल्स, विज्ञान प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों से लैस किया गया है.

उच्च शिक्षा के स्तर पर गुजरात में विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों का व्यापक नेटवर्क है. आईआईटी गांधीनगर, आईआईएम अहमदाबाद और एम्स राजकोट जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान राज्य की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करते हैं.

अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, सूरत और राजकोट जैसे शिक्षा केंद्रों में मजबूत ढांचा, छात्रावास, शोध सुविधाएं और इनक्यूबेशन सेंटर उपलब्ध हैं. वहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट क्लासरूम ग्रामीण इलाकों तक शिक्षा की पहुंच को मजबूत कर रहे हैं, जिससे गुजरात देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में अपनी जगह बना रहा है.

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