RBSE 10th Result 2026 out : नंबर कम आए या फेल हो गए तो क्या होगा? जानिए यहां 3 बेस्ट ऑप्शन

राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 आज जारी कर दिया गया है. अगर आपके नंबर उम्मीद से कम हैं या आप फेल हैं तो यहां जानें कम नंबर आने पर सप्लीमेंट्री और री-चेकिंग के नियम.

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अगर आपको लगता है कि आपने आंसर शीट में अच्छा लिखा था लेकिन नंबर कम मिले हैं, तो आप 'कॉपी री-चेकिंग' के लिए आवेदन कर सकते हैं.

RBSE 10th Result 2026 Passing Marks : आज राजस्थान बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. रिजल्ट जारी होने के बाद खुशी और गम दोनों का माहौल होता है. जिन छात्रों का अच्छे अंक प्राप्त होते हैं वो भविष्य की योजना बनाने लगते हैं, वहीं जिनके नंबर कम आए हुए होते हैं या फिर फेल होते हैं उनके लिए माहौल काफी तनाव पूर्ण हो जाता है. बता दें कि 10वीं का रिजल्ट आपकी मेहनत का एक पड़ाव है, मंजिल नहीं. आइए विस्तार से समझते हैं राजस्थान बोर्ड के पासिंग मार्क्स के नियम और कम नंबर आने पर क्या ऑप्शंस अवलेबल है.

 RBSE 10वीं में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार, कक्षा 10वीं के प्रत्येक विषय में पास होने के लिए छात्र को कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है.

 कुल अंक

100 (80 अंक की लिखित परीक्षा + 20 अंक स्कूल से भेजे Sessional Marks).

पासिंग मार्क्स

आपको लिखित परीक्षा और Sessional Marks मिलाकर कुल 100 में से कम से कम 33 नंबर लाने होंगे.

एग्रीगेट

सभी विषयों को मिलाकर भी आपका कुल प्रतिशत 33% से ऊपर होना चाहिए.

नंबर कम आए या फेल हो गए तो क्या होगा?

अगर आपके नंबर उम्मीद से कम आए हैं या आप एक-दो विषयों में फेल हो गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आपके पास ये तीन ऑप्शंस हैं-

स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन - Scrutiny/Rechecking

अगर आपको लगता है कि आपने आंसर शीट में अच्छा लिखा था लेकिन नंबर कम मिले हैं, तो आप 'कॉपी री-चेकिंग' के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए रिजल्ट के कुछ दिनों के भीतर ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म भरना होता है.

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सप्लीमेंट्री परीक्षा - Supplementary Exam

अगर कोई छात्र एक या दो विषयों में फेल हो जाता है, तो बोर्ड उसे 'सप्लीमेंट्री' परीक्षा का मौका देता है. यह परीक्षा मेन रिजल्ट के लगभग एक महीने बाद आयोजित की जाती है. इसमें पास होकर आप अपना पूरा साल बचा सकते हैं.

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS)

अगर कोई छात्र मुख्य बोर्ड में सफल नहीं हो पाता, तो वह ओपन बोर्ड के जरिए अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है. यहां फ्लेक्सिबिलिटी अधिक होती है और साल खराब होने का डर नहीं रहता.

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