PM Modi का छात्रों को 'स्टडी मंत्र'- "मैं पीएम हूं, फिर भी लोग सलाह देते हैं, लेकिन काम अपने पैटर्न से करें"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान छात्रों को पढ़ाई के लिए एक बेशकीमती मंत्र दिया. उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने पैटर्न के हिसाब से पढ़ाई करें। सबकी सलाह सुनें, लेकिन अपना तरीका तभी बदलें जब आप चाहें.

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जवाब सुनने के बाद छात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेचर बहुत अच्छा था.

PPC 2026 : 'परीक्षा पे चर्चा' 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को 'अपनी शैली, अपनी गति' का मूल मंत्र दिया. उन्होंने एक छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जैसे हर व्यक्ति के खाने का तरीका अलग होता है, वैसे ही पढ़ाई का पैटर्न भी व्यक्तिगत होना चाहिए. पीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री होने के बावजूद उन्हें भी लोग सलाह देते हैं, लेकिन वे अपने मूल तरीके पर टिके रहते हैं.

दरअलस, 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में पहले अध्याय 'आपकी शैली, आपकी गति' पर चर्चा के दौरान गुजरात की एक छात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया. छात्रा ने पूछा कि परीक्षा के समय परिवार और शिक्षक सभी चिंता करते हैं. लेकिन समस्या तब आती है जब शिक्षक पढ़ाई का अलग पैटर्न समझाते हैं और अभिभावक अलग तरीके से पढ़ने के लिए कहते हैं, जबकि छात्रों का खुद का एक अलग पैटर्न होता है. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यह पैटर्न जीवनभर चलता है.

पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा, "मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं. फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीकों से काम करने को कहते हैं. लेकिन सबका अपना-अपना तरीका होता है."

सभी का खाने का पैटर्न अलग होता है

बच्चों को उन्हीं के अंदाज में जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "जब परिवार के लोग एक साथ खाना खाने बैठते हैं तो सभी का खाने का पैटर्न अलग होता है. वह सब्जी के साथ खाने की शुरुआत करेगा, कोई दाल से करेगा और कोई दाल-सब्जी सब मिलाकर खाएगा. वहां जब वे अपने पैटर्न के हिसाब से खाते हैं तो उन्हें मजा आता है."

मूल तरीका नहीं छोड़ना चाहिए

छात्रों को पढ़ाई का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा, "कुछ लोग सुबह बेहतर पढ़ाई करते हैं, कुछ रात में. आपकी अपनी जो पैटर्न है, उसी पर भरोसा करें. लेकिन सलाह भी लें और अगर उससे आपको फायदा होता है, तो ही उसे अपनी जिंदगी के तरीके में शामिल करें. इसको भी किसी के कहने पर नहीं, बल्कि अपने अनुभव से जोड़ो."

उन्होंने एक और उदाहरण 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के बारे में दिया. प्रधानमंत्री ने कहा, "जब यह कार्यक्रम शुरू हुआ तो इसका एक अलग पैटर्न था. धीरे-धीरे इसमें कई बदलाव किए गए हैं और इसी तरह अबकी बार अलग-अलग राज्यों में छात्रों से संवाद किया. मैंने भी कुछ चीजें बदलीं, लेकिन अपना मूल तरीका नहीं छोड़ा."

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जवाब सुनने के बाद छात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेचर बहुत अच्छा था. वे हम सब बच्चों के साथ एकदम घुल मिल गए थे. उन्होंने समझाया कि हमें अपने ही पैटर्न में फोकस करना है, लेकिन हमें सभी का पैटर्न सुनना है और सभी में से कुछ-कुछ गुण लेने हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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