बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल की तरह इस साल भी छात्रों से ‘परीक्षा पे चर्चा' की है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसमें पीएम मोदी छात्रों के साथ बात करते दिख रहे हैं. 'MyGov' ने 'परीक्षा पे चर्चा' का 1.57 मिनट का एक छोटा-सा वीडियो शेयर किया है. पोस्ट में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर (तमिलनाडु), रायपुर (छत्तीसगढ़), देव मोगरा (गुजरात) और गुवाहाटी (असम) में छात्रों से सीधे संवाद किया. इस पहल ने देश के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और मध्य भारत की आवाजों को एक साझा मंच पर जोड़ा.
6.76 करोड़ लोगों ने लिया हिस्सा
पोस्ट में आगे लिखा गया है. इस संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया जबकि इसके अलावा 2.26 करोड़ लोगों ने 'परीक्षा पे चर्चा' से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की. इस तरह कुल मिलाकर इस साल 6.76 करोड़ से अधिक लोगों की सहभागिता दर्ज की गई. लगभग दो मिनट के वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी को छात्रों के साथ मुलाकात हंसी मजाक और गंभीर चर्चा करते हुए देखा गया. एक छात्रा ने कहा कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होगी.
परीक्षा से डरें नहीं, आत्मविश्वास है जरूरी
छात्रों ने सपनों के पीछे दौड़ने से लेकर मोटिवेशन, अनुशासन और आत्मविश्वास को लेकर अनेकों सवाल पूछे. पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि परीक्षा के लिए सबसे अच्छी चीज लिखने की आदत होती है. उन्होंने कहा, "मान कर चलिए कि आपने जो पढ़ा है. वो कहीं न कहीं स्टोरेज है. हर इंसान को हर एक चीज नहीं आती है. लेकिन यह निश्चित है कि हर एक व्यक्ति को कुछ न कुछ आता ही है. एक दूसरी छात्रा ने कहा कि हमने उनका स्वागत किया. उनके साथ बातचीत की. पता ही नहीं चला कि समय कितना चला गया. एक अन्य छात्रा पीएम मोदी के लिए चाय लेकर आई. वहीं एक छात्र उनके लिए कुछ पेंटिंग लेकर आया जिसकी पीएम मोदी ने तारीफ की.
छात्रों ने सुनाया पीएम मोदी को गीत
'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान एक छात्रा ने पीएम मोदी को गीत भी सुनाया, 'सारी दुनिया तेरे पीछे मुश्किलों से लड़ता चल. बढ़ता चल, तू बढ़ता चल'
गौरतलब है कि 'परीक्षा पे चर्चा' एक ऐसा अभियान है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आगे बढ़ाया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और पूरे समाज को एक साथ लाना है, ताकि एक ऐसा माहौल बनाया जा सके जहां प्रत्येक बच्चे के अनोखे व्यक्तित्व का सम्मान हो, उसे प्रोत्साहन मिले और वह खुद को पूरी तरह से व्यक्त कर सके. हर साल 'परीक्षा पे चर्चा' में बच्चे सवालों के जवाब नहीं बल्कि भविष्य का भरोसा साथ ले जाते हैं.
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