Pariksha Pe Charcha 2026: बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले पीएम मोदी ने हर साल की तरह इस साल भी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत की. इस कार्यक्रम को देशभर के तमाम राज्यों के छात्रों को दिखाया गया और इससे उन्हें कई तरह की जानकारी मिली. परीक्षा को लेकर छात्रों के मन में जितने भी सवाल थे, उनके जवाब पीएम मोदी ने कई उदाहरण देते हुए दिए. परीक्षा पे चर्चा के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो कई हफ्तों तक खोली गई थी, जिसमें 4 करोड़ से ज्यादा छात्रों और अभिभावकों ने हिस्सा लिया. इस बार परीक्षा पे चर्चा को दो एपिसोड में बांटा गया था, जिसमें अलग-अलग राज्यों के छात्रों के सवालों को शामिल किया गया. आइए जानते हैं कि पीएम मोदी ने इस साल के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों को कौन से 10 टिप्स दिए, जो उनके काम आएंगे.
1. किस तरह के सवालों पर ज्यादा ध्यान?
पीएम मोदी से जब पूछा गया कि परीक्षा के लिए क्या पिछले साल के पेपरों पर ध्यान देना चाहिए या जरूरी सवाल ही काफी हैं. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा सिर्फ नंबर्स के लिए नहीं, बल्कि खुद को परखने के लिए होती है. हमें पूरे सिलेबस पर ध्यान देना चाहिए. जब हम किसी काम में पूरी तरह रहते हैं, तो वह हमें काफी वक्त के लिए याद रहता है.
2. टाइम मैनेजमेंट कैसे करें?
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान टाइम मैनेजमेंट पर भी छात्रों को टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि रात को सोने से पहले ही अगले दिन के कामों की पूरी लिस्ट बनाकर रख लें. इससे समय बर्बाद नहीं होगा और तनाव भी नहीं होगा. इस तरह से छात्र टाइम मैनेजमेंट सीख सकते हैं.
3. तनाव को कैसे रखें दूर?
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को तनाव से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि पढ़ाई और जुनून के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को अकादमिक और रचनात्मक गतिविधियों को अलग या विरोधी रास्ते के रूप में नहीं देखना चाहिए. पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि कला और रचनात्मक शौक छात्रों को अकादमिक दबाव से होने वाले तनाव और थकान से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं.
4. एआई का कैसे करें इस्तेमाल?
पीएम मोदी ने छात्रों को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' यानी एआई के सही इस्तेमाल के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि आप लोग टेक्नोलॉजी के गुलाम न बनें, बल्कि खुद का विस्तार करें. पीएम मोदी ने कहा, हर युग में नई टेक्नोलॉजी की चर्चा होती है. पहले यह था कि कंप्यूटर से क्या-क्या बदल जाएगा. इसी तरह यह हर युग की चर्चा का विषय रहा है, लेकिन हमें किसी चीज से डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम उसके गुलाम न बनें और तय करना चाहिए कि मैं ही निर्णायक रहूंगा, वह मेरा मालिक नहीं बन सकता है. उन्होंने कहा कि हमेशा नेचर ऑफ जॉब बदलना चाहिए. हमें टेक्नोलॉजी को समझना होगा और खुद का विस्तार करना होगा. इसमें आपको टेक्नोलॉजी की ताकत को जोड़ना होगा.
5. हर छात्र के लिए ये दो चीजें हैं जरूरी
पीएम मोदी ने छात्रों को दो चीजों के बारे में बताया, जो बेहद जरूरी हैं. उन्होंने कहा अनुशासन और मोटिवेशन ये दोनों ही जीवन में महत्वपूर्ण हैं. अगर अनुशासन ही नहीं है, तो कितना भी इंस्पिरेशन हो, वो किसी काम नहीं आएगा. जीवन में अनुशासन बहुत अनिवार्य है. ये इंस्पिरेशन में 'सोने पर सुहागा' का काम करता है. अगर अनुशासन ही नहीं है, तो कितना ही इंस्पिरेशन हो, वो बोझ बन जाता है और निराशा पैदा करता है.
6. पढ़ाई जरूरी या पैशन?
पढ़ाई और अपने पैशन से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, पढ़ाई और अपने पैशन को अलग-अलग न समझें. उदाहरण के लिए अगर आपको आर्ट में दिलचस्पी है और आप साइंस का कोई टॉपिक पढ़ रहे हैं, तो आप उससे जुड़ी कोई तस्वीर बनाना शुरू कर सकते हैं. इस तरह, आप दोनों की प्रैक्टिस कर पाएंगे.
7. स्किल जरूरी या फिर नंबर्स?
एक छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने इस बात का जवाब भी दिया कि स्किल जरूरी है या फिर नंबर, उन्होंने कहा कि हर चीज में संतुलन और बैलेंस होना जरूरी है. एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही...स्किल में भी दो तरह की स्किल हैं, एक है लाइफ स्किल, दूसरा है प्रोफेशनल स्किल, दोनों पर ही ध्यान देना जरूरी है. पढ़ाई के बिना कोई भी स्किल नहीं आ सकती है, ये भी ज्ञान से ही मिल सकती है.
8. सपनों को कैसे करें पूरा?
पीएम मोदी ने छात्रों को ये भी बताया कि सपनों को कैसे पूरा कर सकते हैं. उन्होंने कहा, सपने न देखना तो क्राइम है, लेकिन सपनों को गुनगुनाते रहना कभी काम नहीं आता है. प्रधानमंत्री ने छात्रों को बताया कि जीवन में सदैव कर्म को प्रधान रहना चाहिए. उन्होंने कहा, मैं जहां हूं वहां मुझे सफल होना है, तभी मैं आगे जाऊंगा. अपने सपनों से जुड़े विषयों पर धीरे-धीरे रुचि बढ़ानी चाहिए और उन पर मेहनत करनी चाहिए.
9. गणित की तैयारी कैसे करें?
गणित जैसे मुश्किल विषयों की पढ़ाई को लेकर भी पीएम मोदी ने छात्रों को टिप्स दिए. उन्होंने छात्रों को वैदिक मैथ के बारे में बताया. प्रधानमंत्री ने वैदिक मैथ से सीखने की सलाह दी. वैदिक गणित एक प्राचीन भारतीय प्रणाली है. इसे 20वीं सदी की शुरुआत में जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज ने पुनर्जीवित किया था.
10. रिवीजन की सबसे बेस्ट टेक्निक
पीएम मोदी ने छात्रों को रिवीजन की बेस्ट टेक्निक के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि इसके लिए क्लास के सबसे कमजोर बच्चों से दोस्ती जरूरी है. उन्हें अपना दोस्त बनाइए और फिर देखिए ये टेक्निक आपके बहुत काम आएगी. उस बच्चे से कहिए कि मैं तुम्हें मैथ पढ़ाना चाहता हूं, उसे सिखाने के लिए आप जो रिवीजन करेंगे, वो आपको हमेशा याद रहेगा. विषय पर आपकी मजबूती काफी बढ़ जाएगी.