Padma Awards 2026 : भारत सरकार जब हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान करती है, तो अक्सर हमारे मन में एक सवाल आता है, आखिर ये पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री क्या हैं? इनमें सबसे बड़ा कौन सा है और इन्हें पाने वाले को क्या-क्या मिलता है? अगर आप भी इन नामों को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, तो चलिए आज जानते हैं इन पुरस्कारों में अंतर और इन्हें पाने वालों को कितनी मिलती है नकद राशि.
क्या हैं ये पद्म पुरस्कार?
ये देश के सबसे ऊंचे नागरिक सम्मानों में से एक हैं. ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, खेल-कूद, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग समेत विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धि या सेवाओं के लिए दिए जाते हैं.
- पद्म विभूषण: यह देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है
- पद्म भूषण: यह देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है
- पद्म श्री: यह देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है
पद्म विभूषण और पद्म भूषण में अंतर
पद्म विभूषण - Padma Vibhushan)यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है (भारत रत्न के बाद). यह उन लोगों को मिलता है जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में 'असाधारण और विशिष्ट' (Exceptional and Distinguished) काम किया हो. यानी ऐसा काम जो दुनिया के लिए मिसाल बन जाए.
पद्म भूषण (Padma Bhushan)यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है. यह 'उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा' के लिए दिया जाता है. यानी जब कोई अपने क्षेत्र में बहुत लंबे समय तक शानदार काम करता है, तो उसे इससे सम्मानित किया जाता है.
क्या इन्हें पाने वालों को पैसा मिलता है?
इसमें कोई नकद राशि (Cash Prize) नहीं दी जाती. इन पुरस्कारों के साथ रेल/हवाई यात्रा में कोई नकद भत्ता या रियायत आदि के रूप में कोई सुविधा/लाभ नहीं मिलता है.
तो फिर क्या मिलता है?पद्म पुरस्कार में राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर किया गया एक प्रमाण पत्र और एक पदक दिया जाता है. साथ ही एक प्रतिकृति भी मिलती है जिसे वे अपनी इच्छानुसार किसी भी समारोह/राजकीय समारोहों आदि में पहन सकते हैं.
जरूरी बातेंसम्मान पाने वाला व्यक्ति अपने नाम के आगे या पीछे 'पद्म भूषण' या 'पद्म विभूषण' को टाइटल की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता (जैसे डॉक्टर या पंडित का इस्तेमाल होता है).
यह किसी भी जाति, लिंग या पेशे के व्यक्ति को मिल सकता है. हालांकि, सरकारी कर्मचारी (डॉक्टर और वैज्ञानिकों को छोड़कर) इसके पात्र नहीं होते.
पदम सम्मान 2026 मिलने वालों की लिस्ट (सूत्र)
पदम सम्मान मिलने वालों की लिस्ट (सूत्र)
भगवंदास रायकर (मध्य प्रदेश)
भिकल्या लडक्या धिंडा (महाराष्ट्र)
ब्रिज लाल भट्ट (जम्मू-कश्मीर)
चरण हेम्ब्रम (ओडिशा)
चिरंजी लाल यादव (उत्तर प्रदेश)
डॉ. पद्मा गुरमेट (जम्मू-कश्मीर)
कोल्लक्कयिल देवकी अम्मा जी (केरल)
महेंद्र कुमार मिश्रा (ओडिशा)
नरेश चंद्र देव वर्मा (त्रिपुरा)
ओथूवर तिरुथानी (तमिलनाडु)
रघुपत सिंह (उत्तर प्रदेश)
रघुवीर खेडकर (महाराष्ट्र)
राजस्तापति कालीअप्पा गौंडर (तमिलनाडु)
सांग्युसांग एस. पोंगेनर (नागालैंड)
श्रिरंग देवबा लाड (महाराष्ट्र)
थिरुवरूर बख्तवसलम (तमिलनाडु)
अंके गौड़ा (कर्नाटक)
आर्मिदा फर्नांडीस (महाराष्ट्र)
डॉ. श्याम सुंदर (उत्तर प्रदेश)
गफरुद्दीन मेवाती (राजस्थान)
खेम राज सुंद्रीयाल (हरियाणा)
मीर हाजीभाई कसामभाई (गुजरात)
मोहन नगर (मध्य प्रदेश)
नीलेश मंडलेवाला (गुजरात)
आर एंड एस गोडबोले (छत्तीसगढ़)
राम रेड्डी ममिडी (तेलंगाना)
सिमांचल पात्रो (ओडिशा)
सुरेश हनागवाड़ी (कर्नाटक)
तेची गूबिन (अरुणाचल प्रदेश)
युनम जत्रा सिंह (मणिपुर)
बुधरी ताथी (छत्तीसगढ़)
डॉ. कुमारासामी थंगाराज (तेलंगाना)
डॉ. पुण्णियामूर्ति नटेासन (तमिलनाडु)
हैली वॉर (मेघालय)
इंदरजीत सिंह सिद्धू (चंडीगढ़)
के. पाजनिवेल (पुडुचेरी)
कैलाश चंद्र पंत (मध्य प्रदेश)
नुरुद्दीन अहमद (असम)
पोकीला लेकटेपी (असम)
आर. कृष्णन (तमिलनाडु)
एस. जी. सुशीलेम्मा (कर्नाटक)
टागा राम भील (राजस्थान)
विश्व बंधु (बिहार)
धर्मिकलाल चूनीलाल पांड्या (गुजरात)
शफी शौक़ (जम्मू-कश्मीर)