NEET Paper Leak: क्या रद्द होगा NEET एग्जाम? NTA ने दिया जवाब, कहां से आया सैंपल पेपर?

लाखों छात्रों का भविष्य इस समय दांव पर है. अगर जांच में धांधली की पुष्टि होती है, तो एक बार फिर परीक्षा की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े होंगे.

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एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से संयम बनाए रखने और जांच एजेंसियों को अपना काम करने देने की अपील की है.

NEET UG 2026 Paper Leak : राजस्थान में देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG को लेकर एक बार फिर हड़कंप मच गया है. इस बार मामला सीकर से जुड़ा है, जहां परीक्षा से ठीक पहले एक 'गेस पेपर' वायरल होने का दावा किया गया है. दावा यहां तक है कि इस गेस पेपर से करीब 125 सवाल असली पेपर से हूबहू मेल खा रहे हैं. अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक था या फिर पेपर लीक का कोई नया 'स्मार्ट' तरीका?

SOG की रडार पर सीकर के हॉस्टल

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और ATS ने इस मामले में मोर्चा संभाल लिया है. सूत्रों के मुताबिक, सीकर के कई हॉस्टलों में ताबड़तोड़ छापेमारी और पूछताछ जारी है. पुलिस छात्रों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है.

जांच में सामने आया है कि 3 मई को होने वाली परीक्षा से ठीक एक दिन पहले यानी 2 मई की रात को कुछ छात्रों के पास यह गेस पेपर पहुंचा था. ताज्जुब की बात यह है कि इसमें फिजिक्स और बायोलॉजी के ढेरों सवाल वही थे, जो अगले दिन परीक्षा में पूछे गए.

जब पुलिस ने नहीं सुनी, तो NTA को किया ईमेल

हैरानी की बात यह है कि परीक्षा वाले दिन ही कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में इसकी शिकायत की थी. लेकिन आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. हार मानकर छात्रों ने सबूतों के साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ईमेल भेजा. जब NTA ने तथ्यों का मिलान किया, तो मामला गंभीर लगा और तुरंत राजस्थान के DGP को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए गए.

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लाखों छात्रों का भविष्य इस समय दांव पर है. अगर जांच में धांधली की पुष्टि होती है, तो एक बार फिर परीक्षा की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े होंगे. इसको लेकर एनटीए प्रेस रिलीज जारी करके अपनी पछ रखा है-

परीक्षा के दिन क्या हुआ? 

NTA के अनुसार, 3 मई 2026 को आयोजित हुई परीक्षा पूरी तरह से कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संपन्न हुई थी.  एजेंसी ने बताया कि सुरक्षा के लिए हाई-टेक इंतजाम किए गए थे:  

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GPS ट्रैकिंग: प्रश्न पत्रों को ले जाने वाले वाहनों में GPS लगा था और पेपर पर यूनीक वॉटरमार्क थे.   

AI मॉनिटरिंग: परीक्षा केंद्रों पर AI-असिस्टेड CCTV से निगरानी की गई.   

बायोमेट्रिक और जैमर्स: हर छात्र का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन हुआ और 5G जैमर्स का उपयोग किया गया.   

NTA का दावा है कि परीक्षा के दिन ग्राउंड लेवल पर प्रक्रिया योजना के अनुसार ही चली थी.   

 कब क्या हुआ?

विवाद की शुरुआत परीक्षा के चार दिन बाद हुई. NTA को 7 मई की शाम को पहली बार गड़बड़ी के इनपुट्स मिले.   

8 मई: NTA ने इन जानकारियों को केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंप दिया.   

कानूनी कार्रवाई: इसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ गिरफ्तारियां कीं.   

वर्तमान स्थिति: मामला अभी जांच के अधीन है और NTA पूरी तरह से जांच एजेंसियों को डेटा और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है.   

छात्रों का भविष्य और पारदर्शिता का वादा

छात्रों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या उनकी मेहनत बेकार जाएगी? इस पर NTA ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अधिकांश ईमानदार छात्रों की मेहनत और उनकी साख पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी. एजेंसी ने साफ किया है कि वह जांच के परिणामों का पहले से कोई अनुमान नहीं लगा रही है, लेकिन जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर पारदर्शी तरीके से आगे का निर्णय लिया जाएगा.   

एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से संयम बनाए रखने और जांच एजेंसियों को अपना काम करने देने की अपील की है. शिक्षा मंत्रालय के साथ परामर्श के बाद ही अगले कदम उठाए जाएंगे.   

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अगर आपके मन में कोई सवाल है?

NTA ने उम्मीदवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन भी जारी की है. अगर आपको परीक्षा से संबंधित कोई भी शंका है, तो आप इन माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:   40759000/011-69227700

एनटीए का बयान

NEET NTA by subhashinitripathi93

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