NDTV YUVA CONCLAVE 2026 : बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती तकनीक के बीच क्या केवल डिग्री लेकर नौकरी पाना संभव है? इस सवाल का जवाब NDTV युवा 2026 के मंच पर शिक्षा जगत के दिग्गजों ने साफ-साफ शब्दों में दिया है. विशेषज्ञों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर आप केवल मार्कशीट के भरोसे हैं, तो भविष्य में टिकना मुश्किल होगा.
'इंटर्नशिप अनिवार्य, वरना डिग्री बेकार'
ICAI के सेंट्रल काउंसिल मेंबर CA अर्पित काबरा ने मंच से युवाओं को एक कड़ा संदेश देते हुए कहा, "इंटर्नशिप को बिल्कुल अनिवार्य (Mandatory) कर देना चाहिए." काबरा ने तर्क दिया कि किताबी ज्ञान तो हर छात्र के पास है, लेकिन जब तक उसे रियल-वर्क एनवायरनमेंट में नहीं उतारा जाएगा, तब तक वह अधूरा है.
उन्होंने एजुकेशन सिस्टम में मौजूद 'वैक्यूम' पर चिंता जताते हुए कहा कि एकेडेमिक इंस्टीट्यूट के बीच बेहतर तालमेल की कमी है. उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा में 'पावर, परफॉर्मेंस और पीपल' (3Ps) का तालमेल होना जरूरी है. इतना ही नहीं, उन्होंने शिक्षकों को समाज में जजों के समान विशेषाधिकार और सम्मान देने की भी वकालत की.
'जॉब रेडी' होने का मंत्र
SOA यूनिवर्सिटी के डॉ. राज कुमार होता ने 'एक्सीलेंस बनाम जॉब रेडी' की बहस को विराम देते हुए कहा कि आज के समय में 'अपस्किलिंग' (Upskilling) ही एकमात्र रास्ता है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे केवल यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने तक सीमित न रहें, बल्कि खुद को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से ढालें.
वहीं, FOSTIIMA बिजनेस स्कूल के अनिल सोमानी ने सफलता का त्रिकोण समझाया. उन्होंने कहा:
मार्क्स (Marks): ये आपकी शुरुआती एंट्री के लिए जरूरी हैं.
स्किल्स (Skills): ये आपको जॉब में बनाए रखेंगी.
पैशन (Passion): ये आपको भीड़ से अलग पहचान दिलाएगा.
क्या कहती है एक्सपर्ट्स की राय?
विशेषज्ञों का साफ मानना है कि स्किल्स आपको आपकी ड्रीम जॉब तो दिला सकती हैं, लेकिन लंबे करियर के लिए एक डिग्री की गरिमा और उसकी उपयोगिता आज भी बनी हुई है. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे पढ़ाई के दौरान ही इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दें ताकि डिग्री हाथ में आते ही वे 'जॉब रेडी' हों.