न्यायपालिका में करप्शन वाले चैप्टर पर NCERT ने मांगी माफी

एनसीईआरटी ने कक्षा आठवीं की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका पर विवादित अध्याय के लिए माफी मांगी है. एनसीईआरटी की कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक 'समाज की खोज' का विवादित चैप्टर वापस ले लिया गया है.

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  • एनसीईआरटी ने कक्षा आठवीं की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका पर विवादित अध्याय के लिए माफी मांगी है
  • सामाजिक विज्ञान की किताब 'समाज की खोज: भारत और उससे परे' कक्षा आठवीं का भाग II वापस ले लिया गया है
  • एनसीईआरटी के निदेशक और सदस्य बिना शर्त न्यायपालिका की भूमिका वाले अध्याय के लिए माफी मांगते हैं
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नई दिल्‍ली:

एनसीईआरटी ने कक्षा आठवीं की किताब में प्रकाशित 'न्यायपालिका में करप्शन' वाले विवादित चैप्‍टर के लिए माफी मांग ली है. इस किताब को भी मार्केट से हटा लिया गया है. एनसीईआरटी ने एक्‍स पोस्‍ट में लिखा, "राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने हाल ही में सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, 'समाज की खोज: भारत और उससे परे,' कक्षा 8 (भाग II) प्रकाशित की थी, जिसमें चैप्‍टर IV 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' शीर्षक से शामिल था. एनसीईआरटी के निदेशक और सदस्य इस चैप्‍टर IV के लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं. पूरी पुस्तक वापस ले ली गई है और अब मार्केट में उपलब्ध नहीं है.

किताबों को जल्द से जल्द लौटाएं...
 

एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की एक पाठ्यपुस्तक ‘न्यायिक भ्रष्टाचार' अध्याय को लेकर विवादों के केंद्र में रही और उक्त अध्याय की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए पुस्तक पर ‘पूर्ण प्रतिबंध' लगा दिया है कि इसमें ‘आपत्तिजनक' सामग्री है. इसके बाद एनसीईआरटी ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि जिन लोगों के पास ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' के अध्याय वाली आठवीं कक्षा की प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तकें हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द लौटाएं. 

जारी की ये एडवाइजरी 

एनसीईआरटी ने कड़े शब्दों में जारी एडवाइजरी में यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की गई प्रतिबंधित पाठ्यपुस्तकों के विवादास्पद अध्याय से जुड़ी सामग्री को तत्काल हटाया जाए. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को गुरुवार को पत्र लिखकर उनसे एनसीईआरटी की विवादास्पद पाठ्यपुस्तक का डिजिटल मंचों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रसार रोकने को कहा था.

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एडवाइजरी में कहा गया है, 'जिस किसी व्यक्ति या संगठन के पास एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' है, वह इसे (एनसीईआरटी) मुख्यालय में लौटा सकता है. ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' अध्याय से संबंधित कोई भी सामग्री यदि सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल मंच पर साझा की गई है तो उसे यथाशीघ्र हटाया जाए.'

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के भविष्य में किसी भी प्रकाशन, फिर छापने  या डिजिटल प्रसार पर ‘पूर्ण प्रतिबंध' लगा दिया था.

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