खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में उबाल, दो दिन के लिए बंद किए गए स्कूल-कॉलेज

खामनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में कोहराम, सभी स्कूल-कॉलेज दो दिन बंद. J&K सरकार ने ईरानी नेता अयातुल्ला खामनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में दो दिनों के लिए सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने की घोषणा की है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. 

Kashmir schools and colleges closed : ईरानी नेता अयातुल्ला खामेनेई के मौत की खबर के बाद जम्मू-कश्मीर, विशेषकर कश्मीर घाटी और लद्दाख के कई हिस्सों में भारी तनाव और विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अगले दो दिनों के लिए कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आदेश जारी किया है.

विरोध प्रदर्शन और जनजीवन प्रभावित

खामेनेई के मौत की खबर फैलते ही श्रीनगर के पुराने शहर (डाउनटाउन), बडगाम और बारामुला जैसे इलाकों में लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए नारेबाजी की, जिसके कारण कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया. स्थानीय धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना के विरोध में कल पूर्ण 'बंद' का आह्वान किया है, जिसे देखते हुए व्यापारिक प्रतिष्ठानों के भी बंद रहने की संभावना है.

परीक्षाएं भी हुईं रद्द

इजरायल के साथ संघर्ष में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में लोग आक्रोशित हैं. रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच कश्मीर में परीक्षाओं को स्थगित किया गया. जम्मू-कश्मीर सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने रविवार को जानकारी दी कि गृह विभाग में लैबोरेटरी अटेंडेंट के पद के लिए ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा दी गई है.

नोटिफिकेशन में कहा गया, "सभी संबंधित उम्मीदवारों की जानकारी के लिए यह सूचित किया जाता है कि 22 जुलाई 2025 को जारी विज्ञापन नोटिफिकेशन के तहत लैबोरेटरी अटेंडेंट (होम डिपार्टमेंट) के पद के लिए ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा रविवार को होने वाली थी, उसे स्थगित किया जाता है. परीक्षा की नई तारीख अलग से बताई जाएगी."

हालांकि, जेकेएसएसबी की ओर से रविवार को जारी नोटिफिकेशन में परीक्षा स्थगित करने का कारण नहीं दिया गया है.

गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में रविवार को श्रीनगर में प्रदर्शन हुआ. कश्मीरी शिया मुसलमान बड़ी संख्या में एकजुट हुए और मार्च करते हुए श्रीनगर स्थित लाल चौक पहुंचे, जहां अपना विरोध दर्ज कराया.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष पर चिंताएं जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) ने ईरान में हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर, आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर है. उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने, संयम रखने और ऐसे किसी भी कार्य से बचने की अपील की है, जो तनाव या अशांति का कारण बन सकते हैं."

Advertisement

पोस्ट में कहा गया है, "जम्मू-कश्मीर सरकार भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि ईरान में वर्तमान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सके."

वहीं, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पोस्ट किया, "आज इतिहास में दुखद और शर्मनाक मोड़ आया है, जब इजरायल और अमेरिका ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खानेनेई की मौत पर शेखी बघार रहे हैं."

Advertisement

उन्होंने आगे लिखा, "शर्मनाक और चौंकाने वाली बात है कि मुस्लिम देशों ने स्पष्ट और अप्रत्यक्ष समर्थन दिया, जिन्होंने अंतरात्मा की आवाज सुनने के बजाय सुविधाओं और तात्कालिक लाभ को चुना." महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा, "इतिहास गवाह बनेगा कि किसने न्याय के लिए संघर्ष किया और किसने अत्याचारियों की मदद की. ईरान के लोगों के साथ हमारी दुआएं हैं."

Featured Video Of The Day
Iran के 'Supreme Leader' Khamenei का क्या था UP connection? आयतुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी कौन थे?
Topics mentioned in this article