JEE Main 2026 का रिजल्ट जारी हो चुका है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से रिजल्ट के साथ-साथ परसेंटाइल भी जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि किन छात्रों ने इस बार जेईई मेन टॉप किया है. इंजीनियरिंग की इस परीक्षा में देशभर के कुल 12 उम्मीदवारों ने पूरे 100 परसेंटाइल हासिल किए हैं. इनमें दिल्ली के श्रेयस मिश्रा का नाम भी शामिल है. अब दिल्ली के इस इकलौते टॉपर के कई इंटरव्यू सामने आ रहे हैं, जिनमें श्रेयस बता रहे हैं कि आखिर कैसे उन्होंने ये कमाल कर दिया. आज परीक्षा में शामिल हुए 13 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के बीच उनका नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है.
ओडिशा से दिल्ली आया परिवार
श्रेयस मिश्रा के पिता सुमंत मिश्रा मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं, लेकिन कई साल पहले वो नौकरी की तलाश में दिल्ली पहुंच गए. इसके बाद वो यहीं रहने लगे और आज साइबर सुरक्षा सलाहकार की नौकरी करते हैं. श्रेयस की मां एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. फिलहाल उनका परिवार नोएडा एक्सटेंशन में रहता है.
जिज्ञासा ने दिलाई सफलता
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में श्रेयस ने बताया है कि जेईई की ये तैयारी उनकी एक दो साल की नहीं है, बल्कि इसके लिए वो पिछले कई सालों से रूटीन बनाकर पढ़ाई कर रहे थे. पांचवीं क्लास में पढ़ने के बाद से ही हर चीज को लेकर उनके मन में सवाल आते थे और उनका जवाब तलाशने की कोशिश होती थी. यही वजह है कि 17 साल की उम्र में उन्होंने जेईई टॉप कर इतिहास रच दिया है.
हर दिन इतने घंटे की पढ़ाई
अशोक विहार के कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल के छात्र श्रेयस ने बताया कि जब वो छठी कक्षा में पढ़ते थे, तभी से वो जेईई की तैयारी में जुट गए थे. उन्होंने कहा, इसके लिए मैं रोजाना 12-14 घंटे पढ़ाई करता था. पढ़ाई के साथ समय निकालकर मैं क्रिकेट और म्यूजिक का भी सहारा लेता हूं. श्रेयस ने कहा कि लगातार अपने रूटीन पर कायम रहने की आदत ने उन्हें ये मुकाम दिलाया है. यानी अगर आपको भी सफलता चाहिए तो बिना रुके लगातार अपना काम करते रहना है, जब तक कि मंजिल आपको नहीं मिल जाती है.