JEE Mains में दो छात्रों के बराबर नंबर आ गए तो क्या होगा? ये नियम तय करता है असली विनर

JEE Main Result 2026: हर साल लाखों छात्र इस एग्जाम में शामिल होते हैं और कई बार दो या ज्यादा छात्रों के NTA स्कोर समान आ जाते हैं. ऐसे में रैंक तय करने के लिए टाई-ब्रेकिंग पॉलिसी का इस्तेमाल किया जाता है, जो काउंसलिंग और एडमिशन प्रोसेस में बड़ी भूमिका निभाती है.

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JEE Main रिजल्ट का इंतजार

JEE Main Result 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 20 अप्रैल यानि की आज ही JEE Main 2026 सेशन 2 का रिजल्ट जारी कर सकती है. रिजल्ट आने के बाद कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. स्कोरकार्ड में कैंडिडेट का नाम, रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर, पेपर, सेशन, सब्जेक्ट-वाइज NTA पर्सेंटाइल, टोटल स्कोर, ऑल इंडिया रैंक (AIR), कैटेगरी रैंक और JEE Advanced के लिए क्वालिफिकेशन स्टेटस जैसी जानकारियां शामिल होती हैं.

हर साल लाखों छात्र इस एग्जाम में शामिल होते हैं और कई बार दो या ज्यादा छात्रों के NTA स्कोर समान आ जाते हैं. ऐसे में रैंक तय करने के लिए टाई-ब्रेकिंग पॉलिसी का इस्तेमाल किया जाता है, जो काउंसलिंग और एडमिशन प्रोसेस में बड़ी भूमिका निभाती है. आइए जानते हैं कि इसे कैसे अप्लाई किया जाता है - 

पेपर 1 (बीई/बीटेक)

JEE Main पेपर 1 बीई/बीटेक उम्मीदवारों के लिए होता है, जिसमें मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री शामिल होते हैं. इस दौरान हर सब्जेक्ट में दो सेक्शन होते हैं. इनमें MCQ और न्यूमेरिकल सवाल शामिल हैं. पेपर में कुल 300 नंबर के 75 सवाल होते हैं. 

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टाई-ब्रेकिंग प्रोसेस 

  • अगर दो या ज्यादा उम्मीदवारों का NTA स्कोर एक जैसा आ जाता है, तो इस सीक्वेंस में तुलना की जाती है - 
  • पहले मैथ्स के स्कोर को देखा जाता है. 
  • अगर फिर भी टाई रहे, तो फिजिक्स के स्कोर को देखा जाता है.
  • इसके बाद केमिस्ट्री के स्कोर की तुलना होती है.
  • अगर टाई अभी भी बना रहता है, तो गलत जवाबों की संख्या कम होने वाले उम्मीदवार को सिलेक्ट किया जाता है. 
  • इसके बाद सब्जेक्ट-वाइज एक्यूरेसी को चेक किया जाता है.
  • अगर सभी स्टैंडर्ड्स के बाद भी टाई खत्म नहीं होता, तो दोनों उम्मीदवारों को समान रैंक दी जाती है.

पेपर 2A (BArch)

JEE Main पेपर 2A में मैथ्स, एप्टीट्यूड टेस्ट और ड्राइंग टेस्ट शामिल होते हैं. मैथ्स के सेक्शन A में 20 MCQ और सेक्शन B में 5 न्यूमेरिकल सवाल आते हैं. एप्टीट्यूड टेस्ट में 50 MCQ होते हैं और ड्राइंग टेस्ट में दो सवाल शामिल होते हैं. पेपर कुल 400 मार्क्स का होता है.

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टाई-ब्रेकिंग प्रोसेस

पहले मैथ्स, फिर एप्टीट्यूड टेस्ट और अंत में ड्राइंग टेस्ट की तुलना की जाती है. अगर फिर भी टाई रहे, तो गलत जवाबों की संख्या कम होने वाले उम्मीदवार को तवज्जो दी जाती है. इसके बावजूद अगर अगर सभी स्टैंडर्ड्स के बाद भी टाई खत्म नहीं होता, तो दोनों उम्मीदवारों को समान रैंक दी जाती है.

पेपर 2B (BPlanning)

JEE Main Paper 2B में मैथ्स, एप्टीट्यूड और प्लानिंग से जुड़े सवाल होते हैं. मैथ्स के सेक्शन A में 20 MCQ और सेक्शन B में 5 न्यूमेरिकल सवाल शामिल हैं, जबकि एप्टीट्यूड टेस्ट में 50 MCQ और प्लानिंग सेक्शन में 25 सवाल होते हैं. यह पेपर कुल 400 मार्क्स का होता है.

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टाई-ब्रेकिंग प्रोसेस 

  • सबसे पहले मैथ्स का स्कोर देखा जाता है. 
  • फिर एप्टीट्यूड टेस्ट के स्कोर की तुलना होती है.
  • इसके बाद प्लानिंग सेक्शन के मार्क्स चेक किए जाते हैं.
  • अगर टाई बना रहता है, तो गलत जवाबों की संख्या के आधार पर रैंक तय होती है.
  • अंतिम स्थिति में समान रैंक प्रदान की जाती है.

ये नियम इसलिए बनाया गया है ताकि जिन छात्रों के नंबर बराबर हों, उनके बीच सही और ट्रांसपेरेंट तरीके से रैंक तय की जा सके. यही रैंक आगे चलकर काउंसलिंग और कॉलेज चुनने में बहुत अहम भूमिका निभाती है.

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