ईरान में इतनी है MBBS की पूरी फीस, हर साल जाते हैं इतने भारतीय छात्र

हर साल बड़ी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए ईरान जाते हैं. यहां रहना-खाना और पढ़ाई तीनों काफी सस्ती पड़ती है. अगर स्कॉलरशिप मिल जाती है, तो ये खर्च और भी ज्यादा कम हो जाता है.

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ईरान में मेडिकल की फीस

MBBS Fees in Iran: अपनों का विरोध और अमेरिका से परमाणु समझौते पर बातचीत को लेकर ईरान पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है. मिडिल ईस्ट का ये देश अक्सर चर्चा में रहता है. यहां सबसे ज्यादा आबादी शिया मुस्लिमों की है. दुनिया के कई देशों के लोग भी ईरान में रहते हैं. भारत से भी हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स MBBS की पढ़ाई करने ईरान जाते हैं. यहां की मेडिकल यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों के बीच बेहद फेमस है. यहां मेडिकल, डेंटिस्ट, फार्मेसी, नर्सिंग और हेल्थ केयर से जुड़े कई कोर्स अच्छे लेवल के हैं. आइए जानते हैं इस देश में MBBS की पूरी फीस और हर साल कितने इंडियन स्टूडेंट्स यहां जाते हैं.

ईरान में MBBS की फीस और कुल खर्च

ईरान में MBBS का कोर्स 6 साल का होता है, जिसकी फीस 15 से 30 लाख रुपए तक आता है. सालाना ट्यूशन फीस 2.8 लाख से 6 लाख रुपए पड़ती है. हॉस्टल और खाने-पीने का खर्च भी काफी सस्ता होता है. अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, ये 8,000-12,000 महीना तक हो सकता है. मतलब यहां भारत के प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में काफी सस्ती पढ़ाई होती है.

भारत से ईरान हर साल कितने स्टूडेंट्स जाते हैं

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल 1,000 से ज्यादा भारतीय छात्र ईरान जाकर मेडिकल की पढ़ाई करते हैं. 2022 में कुल 1,063 छात्र ईरान गए थे. 2023 में यहीं आंकड़ा 1,325 छात्रों का था. ईरान में NEET स्कोर के आधार पर बड़े ही आसानी से एडमिशन मिल जाता है.

ईरान भारतीय स्टूडेंट्स की पसंद क्यों

ईरान में स्कॉलरशिप (वजीफा) काफी अच्छी मिलती है, जो पढ़ाई और रहने-खाने का खर्च काफी कम कर देती है. यहां पढ़ाई का माहौल भारत के अनुसार ही है. मेडिकल के अलावा इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स और कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स की भी पढ़ाई होती है. लैंग्वेज की वजह से भी भारतीय छात्रों को एडजस्ट करना आसान है.

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