Body Shaming Law India : सोशल मीडिया की दुनिया में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी के व्यक्तिगत स्वरूप पर हमला करना अब महंगा पड़ सकता है. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक के साथ हुई हालिया घटना ने इस बहस को एक बार फिर छेड़ दिया है. एक अपराधी की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए उनके वीडियो पर जिस तरह के भद्दे कमेंट्स किए गए, उसने सभ्य समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
क्या है पूरा मामला?मिर्जापुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर एक इनामी अपराधी की गिरफ्तारी से संबंधित वीडियो साझा किया था. इस वीडियो में SP अपर्णा रजत कौशिक पुलिस कार्रवाई की जानकारी दे रही थीं. लेकिन अफसोस की बात यह रही कि लोगों ने अपराधी की गिरफ्तारी या पुलिस की सफलता पर चर्चा करने के बजाय, अधिकारी के शारीरिक कद-काठी (Physical Appearance) पर भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट्स करना शुरू कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अंत में कमेंट सेक्शन को ही बंद करना पड़ा.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी महिला की बॉडी शेमिंग (Body Shaming) करना सिर्फ नैतिक रूप से गलत नहीं, बल्कि कानून की नजर में एक गंभीर अपराध है? आइए जानते हैं कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील धर्मवीर यादव से कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) में इसके लिए क्या सजा है.
सुप्रीम कोर्ट के वकील धर्मवीर यादव के अनुसार, किसी भी महिला की बॉडी शेमिंग करना महज एक 'मजाक' नहीं, बल्कि कानून की नजर में एक दंडनीय अपराध है.
भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 79
धर्मवीर यादव ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 79 किसी महिला की शालीनता (modesty) का अपमान करने के उद्देश्य से की गई किसी भी हरकत, जैसे- अश्लील टिप्पणी, इशारा, गाना, या फोटो/वीडियो बनाना को अपराध मानती है. इसके तहत दोषी को 3 साल तक की साधारण कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है. इसके अलावा वह महिला दोषियों पर मानहानि का केस भी कर सकती है, जिसमें 2 साल तक की सजा का प्रावधान है.
अपर्णा कौशिक की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. उत्तर प्रदेश के रामपुर की रहने वाली अपर्णा ने बचपन से ही चुनौतियों का सामना किया. उनके जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था. उनकी मां, प्रीति गौतम ने उन्हें अकेले पाल-पोसकर इस मुकाम तक पहुंचाया.
IPS बनने से पहले वह गुरुग्राम में एक बिजनेस एनालिस्ट थीं, जहां उनका सालाना पैकेज 18 लाख रुपये था. लेकिन समाज सेवा के जज्बे ने उन्हें UPSC की ओर मोड़ा. 2006 में हाईस्कूल में स्टेट टॉपर रहीं अपर्णा ने NIT प्रयागराज से बीटेक किया और 2015 बैच की IPS अधिकारी बनीं.